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वीरता पुरस्कार विजेता एएसआई निकला रंगदारी मामले का मास्टरमाइंड, निलंबित

बहादुरी के लिए गेलेंट्री अवार्ड विजेता एएसआई राजबीर सिंह कारोबारी से रंगदारी मांगने का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने हौजखास में रियल एस्टेट कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उसे निलंबित कर दिया है और बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वह पीड़ित कारोबारी को मामा कहता था और पिछले 15-16 सालों से उसके घर आना जाना था। इस मामले में चार बदमाश पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार हौजखास में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी से अज्ञात शख्स ने 28 जून को फोन कर रंगदारी मांगी थी। फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर प्रमोद उर्फ काला बताय था और रंगदारी नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। हौजखास थानाध्यक्ष अक्षय कुमार की देखरेख में एसआई महिपाल सिंह की टीम ने जांच शुरू की तो पता लगा कि जिस मोबाइल फोन से कॉल की गई थी वह रोहतक निवासी राममूर्ति से 27 जून को छीना गया था। रंगदारी के लिए राममूर्ति के सिम का ही इस्तेमाल किया था। सिम को दूसरे मोबाइल सैट में डालकर सावन ने रंगदारी के लिए कॉल की थी। यह फोन मुकेश ने सावन से लेकर हरियाणा के गैंगस्टर प्रमोद उर्फ काला को दिया था। पुलिस ने इस मामले में सावन, मुकेश और सन्नी उर्फ शूटर को जुलाई की शुरुआत में ही गिरफ्तार कर लिया था। रोहतक पुलिस ने बाद में प्रमोद उर्फ काला को गिरफ्तार किया था।

एएसआई ने ही गैंगस्टर को रंगदारी मांगने के लिए कहा था                                                          हौजखास पुलिस प्रमोद उर्फ काला को रोहतक जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। पूछताछ में उसने बताया कि रियल एस्टेट कारोबारी से रंगदारी मांगने की बात उन्हें एएसआई राजबीर सिंह ने दी थी। मोबाइल सर्विलांस से भी ये साबित हो गया कि एएसआई झज्जर, हरियाणा निवासी गैंगस्टर प्रमोद से लगातार बात करता था। 14 जुलाई को राजबीर ने पीड़ित परिवार से इस बारे में बात की थी और रंगदारी देने के लिए समझाया था। गैंगस्टर प्रमोद को पीड़ित कारोबारी का मोबाइल नंबर राजबीर ने ही दिया था और ये भी कहा था कि रंगदारी न मिलने पर कारोबारी के बेटे की कार पर फायरिंग कर दे। पीड़ित परिवार को भी राजबीर पर संदेह हुआ। इसके बाद एसआई महिपाल की टीम ने एएसआई को गिरफ्तार कर लिया।

एएसआई को मिल चुका है गेलेंट्री पदक
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजबीर दक्षिण-पश्चिमी जिले की पीसीआर की यूनिट में तैनात था। उसे बहादुरी के लिए गेलेंट्री अवार्ड मिल चुका है। राजवीर दिल्ली पुलिस की आतंकी निरोधी यूनिट स्पेशल सेल व अपराध शाखा में भी तैनात रह चुका है।

मेडल वापस लेने पर किया जा रहा है विचार
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल का कहना है कि आरोपी राजबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है और उसे बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसे जो भी मेडल मिले हैं, उन्हें वापस लेने पर विचार किया जा रहा है।साभार-अमर उजाला

दिल्ली पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
जिला कार्रवाई
पश्चिमी 8
दक्षिणी 4
पश्चिमी-पश्चिमी 5
उत्तर-पश्चिमी 43
दक्षिण-पूर्वी 2
नई दिल्ली 1
बाहरी 3
मध्य जिला 2
पूर्वी 3
रोहिणी 8
उत्तरी 5
बाहरी -उत्तरी 3
संगम विहार ट्रैफिक सर्कल 4

 

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