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गाजियाबाद,वाहनों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल,मिल रहीं हैं फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

गाजियाबाद। जिले में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। कुछ लोग नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बेच रहे हैं तो कुछ दलाल असली नंबर प्लेट दिलाने के नाम पर तय फीस से कई गुना वसूल रहे हैं। नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है। गाजियाबाद जिले में करीब आठ लाख पंजीकृत वाहन हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 1.30 लाख वाहनों पर ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग पाई है।

अमर उजाला टीम द्वारा महानगर के विभिन्न स्थानों पर किए गए स्टिंग में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में चल रहे दलालों के खेल का खुलासा हुआ। दलाल कार की असली प्लेट के नाम पर 2150 रुपये, फर्जी प्लेट के 850, बाइक की असली प्लेट के नाम पर 850 रुपये और फर्जी प्लेट के 500 रुपये वसूल रहे हैं। अधिकृत डीलर के यहां बाइक की नंबर प्लेट की फीस 354 रुपये कार की 654 और कामर्शियल वाहन के लिए 700 रुपये है। पेश हैं अमर उजाला संवाददाता की कुछ दलालों से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

नवयुग मार्केट केस- 1
रिपोर्टर: भैया हाई बाइक में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवानी है।
दुकानदार : कौन सी प्लेट लगवाओगे?
रिपोर्टर : भैया कौन-कौन सी प्लेट का क्या मतलब है?
दुकानदार : हमारे पास दो तरीके की हाई सिक्योरिटी प्लेट हैं।
रिपोर्टर : दो तरीके की प्लेट में क्या है?
दुकानदार : एक असली हाई सिक्योरिटी प्लेट है और दूसरी फर्जी।
रिपोर्टर : दोनों में प्लेट में क्या अंतर है?
दुकानदार: असली प्लेट लगवाने में समय लगेगा, उसके पैसा ज्यादा होंगे, फर्जी प्लेट सस्ते में लग जाएगी।
रिपोर्टर : फर्जी प्लेट लगवाने पर हम पकड़े जाएंगे।
दुकानदार : क्यों पकड़े जाओगे, पुलिस को बोलना कि हमारे यहां ऐसे ही प्लेट लग रही है।
रिपोर्टर : पुलिस को तो इस बारे में जानकारी होती है।
दुकानदार : हां जानकारी होती है बोल देना स्लॉट नहीं मिल रहा है इसलिए लोकल लगवा ली है। बाद में लगवा लेंगे तो आप बच जाएंगे।
रिपोर्टर : कार में कितने की लगेगी प्लेट?
दुकानदार : असली प्लेट के 2150 रुपये देने होंगे और फर्जी प्लेट के 850 रुपये लगेंगे। लगाने के 150 रुपये अलग से लिए जाएंगे।

लोहिया नगर केस-दो
रिपोर्टर : भैया कार और बाइक में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवानी है इसकी क्या प्रक्रिया है?
दुकानदार : हाई सिक्योरिटी प्लेट इतनी आसानी से नहीं बनेगी, जितना तुम समझ रहे हो। ऑनलाइन आवेदन करना होगा और पता नहीं कब का स्लॉट मिलेगा ? आप फंस जाओगे उसमें।
रिपोर्टर : कोई ऐसा समाधान निकालो जो काम हो जाए।
दुकानदार : देखो बहुत आसान तरीका है। अभी असली प्लेट के बारे में कोई पूछ नहीं रहा है। दिसंबर तक वैसे भी छूट है। यूपी में अभी कोई रोक नहीं रहा। तुम फर्जी प्लेट लगवा लो।
रिपोर्टर : फर्जीवाड़ा करने में डर लगता है।
दुकानदार : भाई मैं भी फर्जी प्लेट लगाकर ही अपनी कार चला रहा हूं। तीन महीने तक पहले इंतजार करूं। उसके बाद प्लेट लगेगी। अभी सभी का फर्जीवाड़े से ही काम चल रहा है। 10 लोग रोज फर्जी प्लेट लगवा रहे हैं।
रिपोर्टर : आपके यहां कितने में लगेगी फर्जी असली प्लेट ?
दुकानदार : असली प्लेट हम अपने यहां कार की 1400 और बाइक की 750 रुपये में बना देंगे। फर्जी प्लेट कार की 700 रुपये और बाइक की 400 रुपये में बन जाएगी।

किराना मंडी केस-3
रिपोर्टर : मैं बुलंदशहर का रहने वाला हूं बाइक कार में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवानी है
दुकानदार : बुलंदशहर में नहीं लग रही क्या? चलो आपके वाहनों में लगवा देंगे।
रिपोर्टर : इसके लिए क्या करना होगा
दुकानदार : ऑनलाइन आवेदन करेंगे उसके बाद स्लॉट मिलेगा। प्लेट बनकर आएगी तब आपके वाहनों में लगाएंगे।
रिपोर्टर : कहां से बनकर आएगी
दुकानदार : जहां से भी स्लॉट मिल जाएगा, वहीं से बनवा लेंगे और बाद में प्लेट को मंगवा लिया जाएगा। गाजियाबाद में ही स्लॉट मिल गया तो और आसान हो जाएगा।
रिपोर्टर : कितने दिन में मिल जाएगी
दुकानदार : थोड़ा इंतजार करना होगा, एक महीने से 40 दिन। फर्जी प्लेट भी लगवा सकते हो।
रिपोर्टर : कितने में लगेंगी दोनों प्लेट
दुकानदार : कार की असली प्लेट 1300 रुपये, नकली प्लेट 700, बाइक की असली 650 और फर्जी 550 रुपये में मिल जाएगी।

ऐसे कर सकते हैं असली और नकली प्लेट की पहचान
लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। आपकी गाड़ी में लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट असली है या नकली, इसकी पहचान आप खुद से कर सकते हैं। नंबर प्लेट पर ही एक बार कोड होता है। हर गाड़ी का बार कोड अलग-अलग होता है। फर्जी तरीके से इस नंबर प्लेट को लगाने वाले बार कोड नहीं लिखते हैं क्योंकि इस बार कोड के लगे होने पर पकड़े जाने पर उन पर कानूनी कार्रवाई हो जाएगी।

इस तरह से कर सकते हैं आवेदन
आप अपने घर बैठकर भी हाई सिक्योरिटी प्लेट के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं। आप इंटरनेट ब्राउजर पर bookmyhsrp.com टाइप करें, जो आपको इस साइट पर ले जाएगा। यहां पर आपको प्राइवेट वाहन और कमर्शियल वाहन के दो ऑप्शन दिखाई देंगे। प्राइवेट गाड़ी टैब पर क्लिक करेंगे तो पेट्रोल, डीजल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और सीएनजी+पेट्रोल का ऑप्शन चुनना होगा। पेट्रोल टॉइप के टैब पर क्लिक करने पर वाहनों की श्रेणी खुलेगी जिसके बाद आपको बाइक, कार, स्कूटर, ऑटो और भारी वाहन जैसे ऑप्शन में से एक को चुनना होगा। अगर आप कार पर क्लिक करते है तो कार की कंपनी का ऑप्शन चुनना होगा। कंपनी के ऑप्शन के चुनाव करने के बाद आपको राज्य का नाम भरना होगा। इसी के साथ ही यहां आपको डीलर्स के विकल्प भी दिखाई देंगे।

अधिकृत डीलर से ही लगवाएं एचएसआरपी                                                                                    शहर में जगह-जगह नंबर प्लेट बनाने की दुकान खोलकर बैठे दुकानदार फर्जी एचएसआरपी बनाने के नाम पर वाहन स्वामियों से ज्यादा रकम वसूल ही रहे हैं। अधिकृत न होने से प्लेट भी फर्जी बनाकर दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकृत डीलर से ही बनवाएं क्योंकि फर्जी नंबर प्लेट चेकिग के दौरान पकड़ में आ जाती है। इसीलिए वेबसाइट पर जाकर आनलाइन फीस जमा करके ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन करें।
वर्जन

हमने लोगों को जागरूक किया है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर ऑनलाइन आवेदन करें। अधिकृत डीलर के पास ही सिक्योरिटी प्लेट बनवाने के लिए जाएं। यदि कोई वाहन स्वामी किसी बाहरी दुकानदार से फर्जी प्लेट बनवाकर अपने वाहन पर लगा रहा है तो चेकिंग के दौरान फर्जीवाड़ा करने की धाराओं में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर, दुकानदार द्वारा अवैध वसूली की शिकायत मिलती है तो पुलिस के माध्यम से उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।साभार-अमर उजाला
विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन

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