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मेट्रो और ग्रेड सेपरेटर के ऊपर से पहुंचेगी रैपिड, सबसे ऊंचा होगा मेरठ रोड स्टेशन

  • तीन लेवल में होंगे तीन फ्लोर, जमीन से 25 मीटर ऊपर होगी पटरी, 215 मीटर होगी स्टेशन की लंबाई
  • पहले 17 किमी लंबे प्राथमिकता वाले खंड में 30 फीसदी से ज्यादा सिविल का काम पूरा
  • पहले खंड में 525 में से 375 पिलर बनकर तैयार, 1 किमी बना एलिवेटेड ट्रैक, पटरी बिछना बाकी

गाजियाबाद। रैपिड के पहले सेक्शन में मेरठ रोड तिराहा पर प्रस्तावित स्टेशन सबसे ऊंचा होगा। यहां साहिबाबाद से रैपिड ट्रेन मेट्रो ट्रैक और महामाया स्टेडियम के सामने ग्रेड सेपरेटर के ऊपर से होकर स्टेशन पहुंचेगी।

साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे प्राथमिकता वाले खंड में 30 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण संबंधी सिविल के काम को अगले साल 2021 तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।

रैपिड रेल का मेरठ तिराहा पर बनने वाला स्टेशन लोगों के आकर्षण का केंद्र होगा। जमीन से रैपिड की पटरी की ऊंचाई 25 मीटर होगी। वहीं, तीन लेयर में तैयार होने वाले स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे। स्टेशन की लंबाई 215 मीटर होगी।

मेरठ रोड पर रैपिड स्टेशन की शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इसके लिए रैपिड स्टेशन से मेट्रो स्टेशन तक फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। ऐसे में रैपिड और मेट्रो के यात्री मेरठ के साथ दिल्ली-एनसीआर के किसी भी कोने में जा सकेंगे। पहले प्राथमिकता वाले खंड में कुल चार स्टेशन होंगे। सभी का डिजाइन और लेआउट तैयार हो चुका है।

525 में से 375 पिलर बनकर तैयार
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर के पहले साहिबाबाद से दुहाई के बीच प्राथमिकता वाले खंड में निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। यहां निर्माण संबंधी 30 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। दूसरी ओर 17 किमी के प्राथमिकता वाले खंड को दो भागों में विभाजित कर काम किया जा रहा है।

ऐसे में साहिबाबाद से मेरठ रोड तक पहले भाग में 236 पिलर और मेरठ रोड से दुहाई तक दूसरे भाग में 289 पिलर्स को मिलाकर कुल 525 पिलर्स का निर्माण किया जाना है। इनमें से 375 का निर्माण पूरा हो चुका है।

एक किमी एलिवेटेड ट्रैक बनकर तैयार, पटरी बिछना बाकी
रैपिड के प्राथमिकता वाले खंड में साहिबाबाद से मेरठ रोड व मेरठ रोड से दुहाई तक दोनों भागों में आधा-आधा किमी मिलाकर कुल एक किमी का एलिवेटेड ट्रैक (वायडक्ट) का निर्माण पूरा किया जा चुका है। केवल इस पर रैपिड की पटरी बिछना बाकी है।

एलिवेटेड ट्रैक तैयार करने के लिए और वसुंधरा कास्टिंग यार्ड में गार्डर को एलिवेटेड ट्रैक पर लांच करने के लिए प्राथमिकता वाले खंड में आठ लांचिंग गैंट्री मशीनों को लगाया गया है। आने वाले दिनों में पूरी क्षमता से कार्य शुरू होने पर हर माह 1.50 किमी एलिवेटेड ट्रैक (वायडक्ट) का निर्माण किया जाएगा।साभार-अमर उजाला

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