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महिला चालक दल के साथ एयर इंडिया की उड़ान सैन फ्रांसिस्को से बंगलूरू रवाना

कॉकपिट में केवल महिला चालक दल की सदस्यों वाली एयर इंडिया की सैन फ्रांसिस्को-बंगलूरू उड़ान अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गई है। यह उड़ान उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होते हुए और

एयर इंडिया के मुताबिक, उड़ान संख्या एआई-176 शनिवार को सैन फ्रांसिस्को से रात 8.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) रवाना हुई और यह सोमवार तड़के 3.45 बजे यहां पहुंचेगी। पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान चार महिला चालकों का दल पूरा करेगा। एयर इंडिया के दिल्ली बेस पर तैनात कैप्टन जोया अग्रवाल सैन फ्रांसिस्को से बंगलूरू आने वाले इस विमान के महिला चालक दल का नेतृत्व कर रही हैं ।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कॉकपिट में पेशेवर, योग्य और आत्मविश्वासी महिला चालक सदस्यों ने एयर इंडिया के विमान से सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी है और वे उत्तरी ध्रुव से गुजरेंगी। हमारी नारी शक्ति ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

एयर इंडिया ने कहा है कि यह दुनिया की सबसे लंबी वाणिज्यिक उड़ान होगी जो भारत में उसके या किसी अन्य एयरलाइन द्वारा संचालित की जाएगी। उसने इस ऐतिहासिक उड़ान से पहले जारी एक बयान में कहा था कि इस मार्ग पर कुल उड़ान का समय 17 घंटे से अधिक होगा जो उस विशेष दिन पर हवा की गति आधारित होगा।

एयर इंडिया की उड़ान पर जोया के साथ कैप्टन तनमई पपागिरी, कैप्टन आकांक्षा सोनावने और कैप्टन शिवानी मन्हास। जोया ने उड़ान से पहले कहा, यह शानदार सपने के सच होने जैसा है। हर पायलट इसके लिए जी-तोड़ मेहनत करता है लेकिन मौका मिलना मुश्किल होता है।

एयर इंडिया ने ट्वीट किया कि इसकी कल्पना कीजिए: – सभी महिला कॉकपिट सदस्य- भारत आने वाली सबसे लंबी उड़ान- उत्तरी ध्रुव से गुजरना और यह सब हो रहा है! रिकॉर्ड टूट गए। एआई-176 द्वारा इतिहास रचा गया। एआई-176, तीस हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा है।

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरना बहुत ही चुनौतीपूर्ण है और एयरलाइन कंपनियां इस मार्ग पर अपने सर्वश्रेष्ठ और अनुभवी पायलटों को ही भेजती हैं। एयर इंडिया ने इस काम के लिए जो टीम बनाई है उसमें केवल महिलाएं हैं। कैप्टन जोया अग्रवाल इस उड़ान की कमांडिंग अधिकारी होंगी। कैप्टन अग्रवाल और उनकी टीम की साथी 11 जनवरी को इतिहास रचने के लिए उत्साहित हैं।

कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा कि यह सोचकर सातवें आसमान पहुंच जाती हूं कि मैं उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सबसे बड़े हवाई सफर पर विमान उड़ाऊंगी। जब हम उत्तरी ध्रुव के ऊपर से गुजरेंगे तो कैंपस की सुइयां 180 डिग्री पर घूम जाएंगी और हमारे जिंदगी में नया कीर्तिमान जुड़ जाएगा। साभार-अमर उजाला

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