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पुलिस ऐसी ही होनी चाहिए:ईंट भट्‌टे पर काम करने वाले मजदूर के 4 वर्षीय बेटे की तलाश में डेढ़ सौ जवान जुटे, ड्रोन से भी निगरानी

तीन दिन पहले लापता हुआ था मासूम, ढूंढ़ने के लिए पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

अक्सर गुमशुदगी के मामलों को पुलिस हल्के में लेती है, लेकिन मंड्रेला में तीन दिन से लापता एक मजदूर के चार साल के बेटे की तलाश के लिए पुलिस का सर्च ऑपरेशन चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, मंड्रेला के समीप नंदरामपुरा ईंट भट्टे पर मजदूरी करने वाले एक मजदूर श्रवण का चार साल का बेटा काली 19 जनवरी को ईंट भट्‌टे के पास झुग्गी बस्ती गायब हो गया था।

मामले में पुलिस ने तुरंत ही बड़ा एक्शन लिया और संभवत यह प्रदेश का पहला ऐसा मामला होगा जब किसी मजदूर के बेटे की तलाश के लिए पुलिस के डेढ़ सौ जवान, डॉग सक्वायड और ड्रोन कैमरा निगरानी में जुटा है। बच्चे की गुमशुदगी का पता चलते ही एसपी मनीष त्रिपाठी के निर्देश पर पिलानी डीएसपी सुरेश शर्मा के नेतृत्व में चार थानों के प्रभारियों की टीम बनाई गई।

इसके बाद यह ऑपरेशन शुरू हुआ। पुलिस ने मदद के लिए करीब सौ से अधिक ग्रामीणों को भी साथ लिया है। हालाकि अभी तक बालक का पता नहीं चल सका है, लेकिन एक मजदूर के बेटे को ढूंढ़ने के लिए पुलिस की इस पहल पर सभी का कहना है कि किसी भी मामले पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसे ही एक्शन की होनी चाहिए।

ऐसा सर्च ऑपरेशन : दिनभर जुटी रही चार थानों की पुलिस, डॉग स्कवायड भी लगाया
एसपी मनीष त्रिपाठी के निर्देश पर बच्चे की तलाश में मंड्रेला थानाधिकारी राकेश कुमार मीणा, पिलानी थानाप्रभारी इंद्रप्रकाश यादव, चिड़ावा थानाधिकारी लक्ष्मीनारायण सैनी और डीएसटी के सत्यनारायण की टीम बनाई गई है। पुलिस के डेढ़ सौ जवान मौके पर भेजे गए हैं। जहां से बच्चा गायब हुआ। उसके छह किमी के दायरे में ड्रोन से निगरानी शुरू की गई है। इसके साथ ईंट भट्टाें पर काम करने वाले लाेग तथा ग्रामीण भी लगे हुए हैं। बुधवार देर शाम ही डाॅग स्कवायड बुला लिया गया था।

3 दिन पहले एक महिला के पीछे जाता देखा गया
जानकारी के अनुसार मजदूर श्रवण और उसकी पत्नी पूजा सूरतगढ़ की अनाज मंडी में काम करते थे। वहां काम छूट गया तो वे 17 जनवरी को ही मंड्रेेला आए थे और ईंट भट्‌टे पर काम शुरू किया था। दो दिन बाद ही उनका बेटा काली गायब हो गया। 19 जनवरी को दोपहर ढाई बजे यह बालक क्षेत्र की एक महिला के पीछे-पीछे गया था। उस महिला ने बच्चे को डांटा कि वह वापस घर पर चला जाए। फिर वह महिला एक बाइक वाले के साथ चली गई। इसके बाद यह वापस नहीं लौटा।

6 किमी. के दायरे में चप्पा-चप्पा छान रही पुलिस
मासूम की तलाश में दो दिन से पुलिस नंदरामपुरा व उसके आसपास के छह किमी एरिया में चप्पा-चप्पा छान रही है। पुलिस ने ऐसा कोई घर नहीं छोड़ा, जहां बच्चे की तलाश नहीं की। सरसों के खेतों में भी उसकी खोजबीन की जा रही है।
यदि किसी को इस बच्चे की जानकारी हो तो वह कंट्रोल रूम नंबर 01592-236700 या 9166633555 पर सूचना दें।

मासूम मिल जाए यही मकसद
^किसी के मासूम बेटे के गायब होने का दर्द पुलिस समझती है। हमारे लिए हर जान किमती है। हमारा यही प्रयास है कि बच्चा जल्द से जल्द मिल जाए। इसीलिए इस तरह का सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। – मनीष त्रिपाठी, एसपी

11 साल पहले भी मंड्रेला से गायब हो चुके दो बच्चे
मंड्रेला से जून 2009 में दो बच्चे गौरव निर्वाण (5) पुत्र सुधीर निर्वाण तथा रोहित भार्गव (6) पुत्र महेंद्र भार्गव गायब हो चुके हैं। उनका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। इनकी तलाश में एसओजी भी लगाई गई थी। चिड़ावा डीएसपी सुरेश शर्मा उस समय पिलानी में सीआई थे। इसलिए इस बार उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और इन दोनों बच्चों के गायब होने की जानकारी एसपी मनीष त्रिपाठी को दी। जिस पर इस बार बच्चे की तलाश के लिए यह सघन अभियान चलाया जा रहा है।साभार-दैनिक भास्कर

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