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बुंदेलखंड की बंजर जमीन पर स्ट्रॉबेरी उगा रही लॉ ग्रेजुएट; हर महीने लाखों की कमाई, PM कर चुके हैं तारीफ

झांसी की रहने वाली गुरलीन चावला ऑर्गेनिक तरीके से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं। हाल ही मन की बात में पीएम मोदी ने उनका जिक्र किया था।

उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गुरलीन चावला रातों-रात स्टार हो गई हैं। स्ट्रॉबेरी गर्ल के रूप में उन्हें नई पहचान मिली है। सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा हो रही है। लोग सर्च कर रहे हैं, पोस्ट कर रहे हैं। इसके पीछे वजह है बुंदेलखंड की बंजर जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती और मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके काम की तारीफ।

दरअसल, रविवार को मन की बात में पीएम ने गुरलीन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘इतिहास में रुचि रखने वाले लोग इस क्षेत्र को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से जोड़ेंगे, कुछ लोग सुंदर व शांत ओरछा के बारे में सोचेंगे, लेकिन इन दिनों यहां कुछ अलग हो रहा है। जिसकी तारीफ होनी चाहिए। पिछले दिनों झांसी में स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल शुरू हुआ है। हर किसी को आश्चर्य होता है कि स्ट्रॉबेरी और बुंदेलखंड, लेकिन यही सच्चाई है। इसमें बड़ी भूमिका झांसी की बेटी गुरलीन चावला ने निभाई है।’

लॉकडाउन में खाली वक्त का फायदा उठाया

गुरलीन ने स्ट्रॉबेरी की खेती ऑनलाइन सीखी है। 1.5 एकड़ जमीन पर वो इसकी खेती कर रही हैं। इस काम में उनके पापा भी मदद करते हैं।

23 साल की गुरलीन लॉ ग्रेजुएट हैं। इसी साल उन्होंने पुणे से अपनी पढ़ाई पूरी की है। गुरलीन बताती हैं, ‘मैं फार्मिंग में जाऊंगी ऐसा पहले नहीं सोचा था। लॉकडाउन के वक्त मैं घर आ गई थी। इस दौरान घर पर खाली बैठी रहती थी। मैंने सोचा कि क्यों न इसका फायदा उठाया जाए। मुझे गार्डेनिंग का शौक था, इसलिए मैंने घर पर ही स्ट्रॉबेरी के कुछ प्लांट लगाए। थोड़े दिनों बाद ही उनसे फ्रूट्स निकलने शुरू हो गए। ये फ्रूट्स काफी टेस्टी थे।’

गुरलीन ने स्ट्रॉबेरी की खेती ऑनलाइन सीखी है। वो बताती हैं कि इन प्लांट्स को देखकर पापा ने मेरा सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि अब हमें इसका दायरा बढ़ाना चाहिए। हमारे पास चार एकड़ जमीन थी जो पापा ने एक साल पहले खरीदी थी। उसमें कोई फसल नहीं लगाई थी। पिछले साल अक्टूबर में मार्केट से 20 हजार स्ट्रॉबेरी के पौधे खरीदकर लाई। इसे हमने 1.5 एकड़ जमीन पर लगाया। जो दिसंबर में बिकने के लिए तैयार हो गए।

हर दिन 250 से ज्यादा ऑर्डर आ रहे

गुरलीन अभी सात एकड़ जमीन पर खेती कर रही हैं। स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ वो करीब एक दर्जन सब्जियां ऑर्गेनिक तरीके से उगा रही हैं।

गुरलीन कहती हैं, ‘जब फ्रूट्स तैयार हो गए तब हमने लोकल मार्केट में संपर्क किया। उन्हें हमारा प्रोडक्ट पसंद आया। हम उन्हें प्रोडक्ट सप्लाई करने लगे। कई सुपर मार्केट में भी हम स्ट्रॉबेरी भेजते हैं।’ इसके साथ ही उन्होंने झांसी ऑर्गेनिक्स नाम से नई वेबसाइट बनाई है। जहां से लोग ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ गुरलीन अब सब्जियां भी उगा रही हैं। कुल सात एकड़ जमीन पर अभी वे खेती कर रही हैं। उनके फार्म से हर दिन 70 किलो स्ट्रॉबेरी का प्रोडक्शन होता है। 250 से ज्यादा ऑर्डर आते हैं और हर दिन 30 हजार रुपए की बिक्री हो जाती है।’

गुरलीन को खेती करते हुए अभी पांच महीने ही हुए हैं। हाल ही में UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें झांसी में आयोजित स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल का ब्रांड एंबेसडर बनाया है। जहां वो अपने प्रोडक्ट बेचने के साथ-साथ लोगों को स्ट्रॉबेरी की खेती की ट्रेनिंग भी दे रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि पीएम की तारीफ के बाद बड़े लेवल पर उनके काम को पहचान मिलेगी।

गुरलीन के पिता हरजीत सिंह चावला बिजनेसमैन हैं। वे ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं। पीएम की तारीफ के बाद वे बेहद खुश हैं। कहते हैं कि बेटी की कामयाबी से पूरे झांसी का मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी ने भी हमें मिलने के लिए बुलाया है।

हाल ही में UP के मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें झांसी में आयोजित स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।

कैसे करें इसकी खेती?

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए बलुई मिट्टी या दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। अगस्त-सितंबर महीने में प्लांट्स लगाए जाते हैं। इसके लिए तापमान 30 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर गर्मी बढ़ती है तो प्लांट्स को नुकसान पहुंचता है। फ्रूट्स खराब हो जाते हैं। हालांकि बुंदेलखंड में 35 डिग्री से ज्यादा तापमान में गुरलीन अपने हौसले से इसकी खेती कर रही है, जो किसी सरप्राइज से कम नहीं है।

सेहत के लिए फायदेमंद होता है स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में कई सारे विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो सेहत के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इसमें विटामिन C, विटामिन A और विटामिन K पाया जाता है। जो रूप निखारने और चेहरे में कील मुंहासे, आंखों की रोशनी के साथ दांतों की चमक बढ़ाने में फायदेमंद होता है। इसके साथ ही जेली, आइसक्रीम और कई मिठाइयों के निर्माण में स्ट्रॉबेरी का उपयोग किया जाता है।साभार-दैनिक भास्कर

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