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न्याय के लिए दौड़ लगाने को मजबूर मिहिका

छह महीने बीत गए। रातों की नींद उड़े सुकून की सांस लिए और आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ते न्याय की मांग करते सड़कों पर उतरकर सरकार और प्रशासन से सवाल पूछते लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है।

 गुरुग्राम छह महीने बीत गए। रातों की नींद उड़े, सुकून की सांस लिए और आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ते, न्याय की मांग करते, सड़कों पर उतरकर सरकार और प्रशासन से सवाल पूछते, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है। हार्ले डेविडसन हादसे में बाइकर आलोक गुप्ता की मौत के बाद से उनकी पत्नी मिहिका लगातार घटना के जिम्मेदारों को सजा दिलवाने और अपने पति को न्याय दिलवाने की मुहिम चला रही हैं।

फेसबुक, ट्विटर से लेकर सड़कों तक

मिहिका हर तरह से लोगों को, प्रशासन और सरकार को यह बताने की कोशिश कर रही हैं कि उनके पति आलोक की कोई गलती नहीं थी और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। इसके लिए मिहिका प्रतिदिन फेसबुक पर पोस्ट डाल रही हैं। एक-एक दिन अपनी भावनाओं और अपने दर्द को अपनी पोस्टों में उतार रही हैं, लोग भावनात्मक संबल दे रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है।

मिहिका सड़क पर उतरीं तो हर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग उनके साथ आए लेकिन उन्हें प्रशासन से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब उन्होंने दस दिनों के लिए एक दौड़ की शुरुआत की है। आज यानी बुधवार को इस दौड़ का आखिरी दिन है जहां मिहिका को बड़ी संख्या में लोग समर्थन देंगे। 10 दिन और 10 किलोमीटर

इस ठंड में हर सुबह घरों के बीच लूप बनाकर दौड़ती मिहिका लोगों को नाबालिग को गाड़ी चलाने के लिए देने के प्रति जागरूक कर रही हैं और साथ ही मांग कर रही हैं कि उनके पति के साथ हुई दुर्घटना के जिम्मेदार उन आरोपित किशोरों को वयस्क मानकर उन्हें सजा दी जाए। उनका एक ही सवाल है कि आखिर जो किशोर वयस्कों की तरह तेज रफ्तार गाड़ी चला सकते हैं, शराब पी सकते हैं उन्हें वयस्कों की तरह सजा क्यों नहीं दी जा सकती?

घटनाक्रम:

– 23 अगस्त को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई दुर्घटना में हार्ले डेविडसन सवार बाइकर आलोक गुप्ता की मौत हो गई थी। दो किशोरों द्वारा अनियंत्रित गति से वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ था।

– पुलिस द्वारा वाहन चालक को किशोर बताकर जांच में मुस्तैदी नहीं दिखाए जाने के कारण 30 अगस्त को परिजनों और दोस्तों ने न्याय की गुहार लगाई शुरू की।

– छह अक्टूबर को आरोपित किशोरों पर धारा 304(ए) के बजाय धारा 304(2) लगाई गई।

– लगातार इंसाफ की मांग करती मिहिका की शिकायतों पर दस नवंबर को डीएलएफ फेज दो के थाना प्रभारी और एएसआइ को ढीली जांच प्रक्रिया के लिए निलंबित किया गया।

– कार के मालिक धीरज तनेजा और कपिला तनेजा पर धारा 77 (कम उम्र के बच्चे को नशीला पदार्थ देने की) लगाई गई।

– दो दिसंबर को दुर्घटना में इस्तेमाल कार के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया और कार में सवार सहयात्री किशोर को हिरासत में लिया गया।

– इस समय मामले में चारो आरोपित जमानत पर हैं।साभार-दैनिक जागरण

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