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Co-WIN Registration: मंजू का घर, बाबा के घर के पास.. चौंकिए मत, ये वैक्सीन सेंटर्स के नाम हैं

देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन का अगला चरण शुरू हो गया है इसमें बुजुर्गों और गंभीर बीमारी वाले लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में उन्हें कई दिक्कतें आ रही हैं। गाजियाबाद में बाबाजी का मंदिर, मंजू का घर ये सब सेंटर के ऐड्रेस के रूप में दर्ज हैं जिन्हें गूगल भी लोकेट नहीं कर पा रहा है।

हाइलाइट्स:

  • देशभर में बुजुर्गों और एक से अधिक बीमारियों से जूझ रहे 45 पार लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही
  • गाजियाबाद में कोविन ऐप पर लोगों को रजिस्ट्रेशन के वक्त आ रही मुश्किलें, सेंटर के अजीब ऐड्रेस
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बजाय वॉक इन विकल्प ज्यादा बेहतर लेकिन घंटों लाइन में लगना पड़ रहा

गाजियाबाद। बाबाजी मंदिर, आशा मोहन का घर, देवी मंदिर के पास…. को-विन पोर्टल में वैक्सीनेशन सेंटर के ऐड्रेस कुछ इस तरह दिए गए हैं जिसे गूगल मैप भी नहीं ढूंढ पा रहा है। गाजियाबाद में कोविड वैक्सीन प्रोग्राम के तीसरे चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लोगों को मुश्किलें आ रही हैं। वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए सेंटर का चयन करने पर ड्रॉपडाउन बॉक्स में अजीबोगरीब ऐड्रेस दिए गए हैं जिनके न उच्चारण स्पष्ट हैं और न ही ठीक तरह से लिखे गए हैं।

राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले जीतेंद्र सिंह कहते हैं, ‘नजदीकी वैक्सीनेशन केंद्र को ढूंढने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। पोर्टल में लिखे कुछ नाम काफी मजेदार हैं। जैसे मंजू का घर, धर्मपाल का घर वगैरह। मुझे हैरानी होती है कि 60 से अधिक उम्र वाले लोग कैसे इन ऐड्रेस को ढूंढ पाएंगे।’ इसी के साथ पोर्टल में यह भी लिखकर आ रहा है कि इस महीने कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं है। सिर्फ प्राइवेट अस्पताल में मार्च के आखिरी हफ्ते तक गुरुवार शाम तक बुकिंग उपलब्ध है।

सुबह 9 से 11 बजे तक स्लॉट हैं प्री बुक
वैक्सीनेशन के तीसरे चरण के लिए पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराना बुजुर्गों के लिए सब्र का इम्तिहान लेने वाला हो सकता है क्योंकि सुबह के दो घंटे- 9 बजे से 11 बजे- प्री बुक स्लॉट हैं। इसके बाद ही वॉक इन की अनुमति है। फेडरेशन ऑफ असोसिऐशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर (एफईडीएओए) के फाउंडर आलोक कुमार अपने पिता के लिए एक स्लॉट बुक कराना चाहते थे लेकिन कई कोशिशों के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली।

वॉक इन में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा
आलोक कहते हैं, ‘क्या लोग इस तरह से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वाले हैं? जब मैंने रजिस्ट्रेशन के लिए प्राइवेट अस्पतालों से संपर्क किया तो उन्होंने मुझे वॉक इन के जरिए वैक्सीनेशन कराने को कहा।’ एक प्राइवेट अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए वॉक इन मोड ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। लेकिन वैक्सीनेशन कराने वाले कई बुजुर्गों का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फेल होने के बाद वॉक इन में उन्हें घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा।

वैक्सीनेशन सेंटर के अजीब ऐड्रेस की वजह
वैक्सीन सेंटर के अजीबोगरीब ऐड्रेस पर चीफ मेडिकल अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने कहा, ‘इस मामले की जांच की जाएगी और सही नामों को पोर्टल में लिखा जाएगा। डीएम अजय शंकर पांडे ने भी जांच का आश्वासन दिया। हालांकि एक अधिकारी ने इसे स्पष्ट करते हुए बताया कि अधिकतर वैक्सीन सेंटर शहरी प्राथमिक सेंटर हैं जो कि किराये पर जगह लेकर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये एड्रेस उसी अनुसार मेंशन किए गए हैं।साभार-नवभारत टाइम्स

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