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लॉकडाउन में चंडीगढ़ की वृत्ति ने भाई के साथ मिलकर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की; आज 1100 से ज्यादा कस्टमर्स हैं, प्रति एकड़ 3 लाख कमाई

पढ़िए दैनिक भास्कर की ये खबर…

चंडीगढ़ की रहने वाली वृत्ति नरूला अपने भाई पार्थ नरूला के साथ मिलकर पिछले एक साल से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं।

आज की पॉजिटिव खबर में बात चंडीगढ़ की रहने वाली वृत्ति नरूला और उनके भाई पार्थ नरूला की। दोनों मिलकर चार एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। साथ ही इसकी प्रोसेसिंग के बाद जेली, जैम जैसे प्रोडक्ट तैयार करके मार्केट में सप्लाई भी करते हैं। एक साल के भीतर 1100 से ज्यादा ग्राहक उनसे जुड़ गए हैं। हर दिन 100 के करीब उनके पास ऑर्डर आते हैं। इससे प्रति एकड़ 3 लाख रुपए से ज्यादा उनकी कमाई हो रही है।

26 साल की वृत्ति फैशन डिजाइनर हैं जबकि 21 साल के पार्थ अभी ग्रेजुएशन कर रहे हैं। वृत्ति कहती हैं कि हमें स्ट्रॉबेरी बहुत पसंद है। बाहर से खरीदने पर अच्छी और ताजी स्ट्रॉबेरी नहीं मिलती थी। इसलिए हमने तय किया कि हम खुद ही इसे उगाएंगे। हमारे पास थोड़ी बहुत जमीन थी, तो हमने पिछले साल की शुरुआत में थोड़ी सी जमीन पर स्ट्रॉबेरी लगा दिए। मार्च तक स्ट्रॉबेरी तैयार हो गई। वृत्ति बताती हैं कि उपज अच्छी हुई थी, हमने सोचा कि खुद के साथ-साथ इसे अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी खिलाएंगे, लेकिन उसी दौरान कोरोना की वजह से लॉकडाउन लग गया और हम प्रोडक्ट कहीं भेज नहीं सके।

29 साल की वृत्ति फैशन डिजाइनर हैं। वे स्ट्रॉबेरी की मार्केटिंग और डिलीवरी संबंधी सभी काम संभालती हैं।

लॉकडाउन की वजह से बिजनेस शुरू करने का प्लान बना

वे कहती हैं कि थोड़े दिनों बाद रखे-रखे हमारी स्ट्रॉबेरी खराब होने लगी। उपज ज्यादा थी और खपत कम। अब हमारे सामने सवाल था कि आखिर इसका करें तो क्या करें? वृत्ति कहती हैं कि तब मैंने पार्थ के साथ मिलकर यह तय किया कि हम लोग इसे चंडीगढ़ में ही लोगों के घरों तक पहुंचाएंगे क्योंकि लॉकडाउन की वजह से लोग मार्केट से प्रोडक्ट नहीं खरीद पा रहे थे। इसके बाद हमने वॉट्सऐप ग्रुप बनाया और उसमें अपनी स्ट्रॉबेरी की फोटोज डालने लगे। थोड़े समय बाद ही कुछ लोगों की तरफ से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। फिर मैं अपने भाई के साथ मिलकर लोगों तक ऑर्डर डिलीवर करने लगी।

चूंकि हमारी स्ट्रॉबेरी एकदम फ्रेश और ताजी थी, हम खेत से निकालने के बाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते थे, इसलिए लोग हमारे प्रोडक्ट की डिमांड करने लगे। इस तरह हमारे कस्टमर्स की संख्या बढ़ने लगी। हमने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद की मौजूदगी भी दर्ज कराई। इससे भी कस्टमर्स की संख्या में इजाफा हुआ। अभी हमारे पास 1100 से ज्यादा कस्टमर्स हैं। वृत्ति अभी चार एकड़ जमीन पर कुल 6 तरह की स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं। वे हिमाचल प्रदेश से इसके बीज लाती हैं।

21 साल के पार्थ अभी ग्रेजुएशन कर रहे हैं। वे स्ट्रॉबेरी के प्रोडक्शन से संबंधित सभी काम संभालते हैं।

वृत्ति बताती हैं कि पहले मैं भाई के साथ मिलकर सभी ऑर्डर डिलीवर करती थी, लेकिन जब कस्टमर्स बढ़ गए तो हमने एक कंपनी से टाइअप कर लिया, जो हमारे लिए प्रोडक्ट डिलीवरी का काम करती है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि लोगों तक एकदम फ्रेश फ्रूट पहुंचे। इसलिए हम खेत से हार्वेस्टिंग के बाद 12 घंटे के भीतर कस्टमर्स तक प्रोडक्ट पहुंचा देते हैं। वे कहती हैं कि फिलहाल तो हम लोग चंडीगढ़ में अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी कर रहे हैं, लेकिन आगे हमारी कोशिश है कि देश के दूसरे शहरों में भी हम अपना प्रोडक्ट भेजें। इसको लेकर हम तैयारी कर रहे हैं।

जब उपज बढ़ने लगी तो प्रोसेसिंग करना शुरू किया

वृत्ति बताती हैं कि उपज इतनी अच्छी हुई थी कि चंडीगढ़ में कई लोगों के घरों तक पहुंचाने के बाद भी स्ट्रॉबेरी बच जा रही थी। फिर हमने थोड़ा-बहुत रिसर्च किया कि आगे क्या कर सकते हैं। इसके बाद हमने इसकी प्रोसेसिंग करने का फैसला किया। इसमें मेरी मां ने बहुत हेल्प की। उन्होंने इसकी प्रोसेसिंग करके जेली, जैम, क्रश जैसे प्रोडक्ट बनाना शुरू किए। अभी करीब आधा दर्जन प्रोडक्ट हम तैयार कर रहे हैं और इसे मार्केट में सप्लाई कर रहे हैं। हमने फ्रेशविल नाम से इसका रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।

वृत्ति स्ट्रॉबेरी फ्रूट के साथ ही प्रोसेसिंग के बाद जेली, जैम, क्रश जैसे आधा दर्जन प्रोडक्ट तैयार करके मार्केट में सप्लाई कर रही हैं।

स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करें?

स्ट्रॉबेरी की खेती बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए क्लाइमेट जरूर मायने रखता है, लेकिन अगर तैयारी के साथ इसकी खेती की जाए तो अच्छी उपज होगी। मानसून के खत्म होने से लेकर फरवरी तक इसकी खेती होती है। इसकी खेती के लिए सबसे जरूरी बात ये है कि हर दिन नियमित रूप से प्लांट्स को साफ करना होता है। सूखी पत्तियों को हटाना होता है। ताकि हार्वेस्टिंग के दौरान कोई परेशानी न हो। पौधों में नमी बनी रहे इसलिए ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई करना फायदेमंद रहता है। हालांकि पानी से फसल को बचाना होता है। ज्यादा पानी इसके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

कम लागत में ज्यादा मुनाफा

आजकल बड़े शहरों में स्ट्रॉबेरी की काफी अच्छी डिमांड है। बड़े-बड़े फूड मार्केट में भारी मात्रा में स्ट्रॉबेरी की खपत होती है। खास करके फ्रेश स्ट्रॉबेरी को फ्रूट डिलीवरी करने वाली कंपनियां सीधे-सीधे खरीद लेती हैं। कई लोग इसकी प्रोसेसिंग के बाद अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट तैयार करके मार्केट में सप्लाई करते हैं। वृत्ति बताती हैं कि अगर अच्छी तरह से इसकी खेती की जाए तो प्रति एकड़ कम से कम तीन लाख रुपए की कमाई आसानी से हो सकती है।

स्ट्रॉबेरी की खेती बहुत मुश्किल नहीं है। सिर्फ 30×40 स्क्वायर फीट जगह में 500 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए जा सकते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद है स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में कई सारे विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो सेहत के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इसमें विटामिन C, विटामिन A और विटामिन K पाया जाता है। जो रूप निखारने और चेहरे से कील-मुंहासे हटाने, आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ दांतों की चमक बढ़ाने में फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही जेली, आइसक्रीम और कई मिठाइयों के निर्माण में भी स्ट्रॉबेरी का उपयोग किया जाता है।साभार-दैनिक भास्कर

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