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आक्सीजन लंगर के बाद अब दिल्ली में शुरू हुई निश्शुल्क आक्सीजन कंसंट्रेटर लाइब्रेरी, जानिए कैसे मिल पाएगा लाभ

पढ़िए दैनिक जागरण की ये खबर…

घर पर रहकर होम आइसोलेशन में कोरोना का इलाज करवा रहे मरीजों के लिए ग्रेटर कैलाश में निश्शुल्क आक्सीजन कंसंट्रेटर लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है। ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए यह पहल की है।

नई दिल्ली। घर पर रहकर होम आइसोलेशन में कोरोना का इलाज करवा रहे मरीजों के लिए ग्रेटर कैलाश में निश्शुल्क आक्सीजन कंसंट्रेटर लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है। ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए यह पहल की है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में कोरोना के मामले आने के कारण लोगों को अस्पताल में बेड के साथ ही घरों में भी आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। अस्पताल पहुंचने से पहले मरीजों की हालत स्थिर रखने के लिए उन्हें आक्सीजन की जरूरत पड़ती है। आक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण सिलेंडर रिफिल करवाने में भी काफी समय लगता है। इसलिए उन्होंने मंगलवार से अपनी आक्सीजन कंसंट्रेटर लाइब्रेरी शुरू की है।

ऐसे ले पाएंगे सुविधा का लाभ

उन्होंने बताया कि जीके विधानसभा क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को आक्सीजन कंसंट्रेटर की जरूरत पड़ती है तो उन्हें इस लाइब्रेरी से निश्शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को अमूमन चार-पांच दिन तक आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। इसलिए यह एक व्यक्ति को सामान्यत: पांच दिन के लिए दिया जाएगा। इसके बाद मशीन वापस लाइब्रेरी में जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों को मशीन दी जा सके। मशीन लेने के लिए व्यक्ति को मरीज का आधार कार्ड व डाक्टर का प्रिस्कि्रप्शन जमा करना होगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि कोई बिना जरूरत के मशीनों को स्टोर करके न रखे।

अभी 40 आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अभी 40 आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था की गई है। 60 मशीनों का लक्ष्य रखा गया है। मशीनों के लिए एनजीओ व स्थानीय आरडब्ल्यूए की भी सहायता ली जा रही है। पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए चार वालेंटियर बनाए गए हैं जिनके पास जरूरतमंद लोग मशीन के लिए काल कर सकते हैं। राजा पुरी, प्रवीण सचदेवा, उपिंदर सिंह व विशाल राजपाल को वालेंटियर बनाया गया है। मशीन के लिए काल आने के बाद आधार कार्ड व डाक्टर के प्रिस्कि्रप्शन का सत्यापन करने के बाद मशीन दे दी जाती है। पहले दिन चारों वालेंटियर के पास पूछताछ व मशीन के लिए करीब 150 काल आई। साभार-दैनिक जागरण

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