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UP: अपनी ही शादी में घोड़ी पर चढ़ने के लिए दलित युवक ने लगाई पुलिस से गुहार‚ ऊंची बिरादरी के लोगों ने दी है धमकी

पढ़िये  आँखोंदेखी लाइव की ये खबर….

अलखराम के अनुसार ऊंची बिरादरी के लोगों का मानना है कि अगर उनके सामने अनुसूचित जाति के लोग घोडी चढेंगे तो उनका अपमान होगा और दलित अपनी औकात भूल जाएंगे।

संविधान [Constitution] में भले ही बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर [Bhimrao Ambedkar] ने आर्टिकल 14 से 18 [ Article 14 to 18 ] तक सभी को समानता का अधिकार [Right to equality] देने की बात कही है लेकिन आजादी के 74 साल बाद भी देश की सरकारें दलित और पिछड़ों को कुछ मामलों में मूलभूत अधिकार [Basic rights] भी नही दिला पाई है।

ताजा और हैरान कर देने वाला मामला यूपी के महोबा जनपद के माधवगंज गांव से सामने आया है। जहां एक दलित युवक को अपनी शादी में घोड़ी पर चढ़ने के लिए पुलिस से गुहार लगानी पड़ी है। 22 वर्षीय युवक अलखराम का कहना है कि गांव में ऊंची बिरादरी के लोग दलितों को अपनी बारात में घोड़ी पर चढ़ने नहीं देते हैं। अनुसूचित जाति के लोगों को पैदल ही गांव से बारात निकालनी पड़ती है।

अलखराम के अनुसार ऊंची बिरादरी के लोगों का मानना है कि अगर उनके सामने अनुसूचित जाति के लोग घोडी चढेंगे तो उनका अपमान होगा और दलित अपनी औकात भूल जाएंगे। इसलिए इस गांव में पिछले 100 सालों से कोई छोटी जाति का व्यक्ति घोड़ी पर नही चढ़ा है।

दबंगों ने दी धमकी

थाने में तहरीर देते हुए अलखराम ने बताया है कि आजादी के 74 साल बाद भी उसके गांव में किसी भी शेड्यूल कास्ट के युवक को अपनी शादी में घोड़ी पर चढ़कर जाने की अनुमति नहीं है। लेकिन वह पुरानी परंपराओं को तोड़ते हुए अपनी बारात में घोड़ी पर बैठकर जाना चाहता है। लेकिन गांव के दबंगों ने बारात को रोकने की धमकी दी है इसलिए उसने पुलिस से मांग की है कि जब वह घोड़ी पर बैठे तो उसे पुलिस सुरक्षा दी जाए। अलखराम की शादी 18 जून को होनी है।

इस बीच पुलिस का दावा है कि हमने कई लोगों से पूछताछ की है तो पता चला है कि गांव में किसी को भी दलितों के घोड़ी चढ़ने से कोई आपत्ति नहीं है। फिर भी अगर ऐसा होता है तो हम इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।दूसरी ओर अलखराम के पिता ने भी कहा है कि 52 साल पहले जब उसकी शादी हुई थी तब भी उन्हे घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया था। यह परंपरा आज 52 साल बाद भी कायम है।

24 मई को गुजरात में लंबी मूछ रखने पर की थी दलित युवक से मारपीट

आपको बता दें कि दलितों पर होने वाले इस तहर के अत्याचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 24 मई को गुजरात के अहमदाबाद के वीरम गांव में एक दलित व्यक्ति पर 11 लोगों ने इसलिए हमला किया था कि उसने लंबी मूछ रखी हुई थी। साभार-आँखोंदेखी लाइव

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