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Ghaziabad News: कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर ज्यादा रुपये वसूलने वाले गाजियाबाद के अस्पतालों पर कार्रवाई की उल्टी गिनती शुरू

पढ़िए नवभारत टाइम्स की ये खबर…

सरकार की तरफ से तय रेट से भी ज्यादा रुपये लिए गए थे। विरोध करने पर मरीज का इलाज रोकने और अस्पताल से बाहर निकालने तक की धमकी दी गई। यह मामला एनबीटी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने एसीएम के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था।

गाजियाबाद। कोरोना मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक बिल वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ टीम को कई खामियां मिली हैं। अब उनको क्रॉस चेक किया जा रहा है। यदि गड़बड़ी मिलती है तो करीब 8 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। जांच अधिकारी नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि अभी कुछ जांच बाकी है, इसलिए यह जांच 5 दिन और बढ़ा दी गई है। अब 20 के बजाए 25 जून को रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।

बता दें कि अप्रैल और मई में अस्पतालों के बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर तक पूरी तरह फुल हो गए थे। इसके कारण कई लोगों को अस्पताल में एडमिशन ना मिलने पर मौत हो गई थी। वहीं, बड़ी संख्या में मरीजों और उनके तीमारदारों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में इलाज के नाम पर लूटपाट की गई। सरकार की तरफ से तय रेट से भी ज्यादा रुपये लिए गए थे। विरोध करने पर मरीज का इलाज रोकने और अस्पताल से बाहर निकालने तक की धमकी दी गई। यह मामला एनबीटी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने एसीएम के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था।

3 जून को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की मीटिंग में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इस पर कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनसे यह जांच किसी वरिष्ठ आईएएस अफसर से कराने की मांग की थी। उनका तर्क था कि जूनियर अफसर के जांच करने से अस्पताल का प्रबंधन तंत्र दबाव बनाने का प्रयास करते हैं, जिसके बाद यह जांच नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को सौंप दी गई थी। उन्होंने आम लोगों से बिल संबंधी शिकायतों के लिए एक मेल आईडी (overbillinggzb@gmail.com) भी जारी की थी।

शुक्रवार को नगर आयुक्त ने बताया कि करीब 35 से अधिक शिकायतें मिली है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि किन अस्पताल के खिलाफ जांच रिपोर्ट मिली है। वह अभी क्रॉस चेक कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने डीएम से जांच के लिए 5 दिन और अतिरिक्त मांगे हैं। अब 25 दिन तक जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे।

सूत्र बताते हैं कि जांच टीम को जनपद के 8 अस्पतालों के खिलाफ बिलों में गड़बड़ियां मिली हैं। इनमें 3 प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। अब उसे क्रॉस चेक किया जा रहा है। साभार-नवभारत टाइम्स

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