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UP सरकार का आदेश- कोरोना से मृत्यु पर कर्मचारियों के आश्रितों में बराबर बंटेगी 50 लाख राहत राशि

पढ़िए दैनिक जागरण की ये खबर…

कोरोना वारियर्स की मृत्यु पर उनके आश्रितों में अनुग्रह राशि को लेकर विवाद की खबरें मिलने के बाद योगी सरकार ने इसे सभी आश्रितों में बराबर बांटकर देने का निर्णय किया है। यदि सेवा पुस्तिका में आश्रितों के नाम दर्ज नहीं हैं तो जिलाधिकारी उत्तराधिकारियों में धनराशि बराबर-बराबर देंगे।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना महामारी की रोकथाम, उपचार और उससे बचाव में लगे कर्मचारियों की कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने पर अब उनके सभी आश्रितों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि बराबर बांटकर दी जाएगी। यानी जितने आश्रित कार्मिक की सेवा पुस्तिका में दर्ज होंगे, उन सभी को बराबर-बराबर धनराशि दी जाएगी। सरकार ने 50 लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी लागू कर दी है। राजस्व विभाग ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना वारियर्स की मृत्यु पर उनके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्हें 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दे रही है। इसके लिए राजस्व विभाग ने पिछले साल 11 अप्रैल को शासनादेश जारी किया था, लेकिन यह व्यवस्था केवल एक साल के लिए थी। इसलिए सरकार ने इसे वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है।

दरअसल, कई स्थानों से कोरोना वारियर्स की मृत्यु पर उनके आश्रितों में अनुग्रह राशि को लेकर विवाद की खबरें मिलने के बाद योगी सरकार ने अब इसे सभी आश्रितों में बराबर बांटकर देने का निर्णय किया है। यदि सेवा पुस्तिका में आश्रितों के नाम दर्ज नहीं हैं तो जिलाधिकारी उत्तराधिकारियों में धनराशि बराबर-बराबर वितरित करेंगे।

अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अब तक मृत सरकारी कार्मिकों का विवरण एवं जरूरी अभिलेख राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर 30 जून तक अनिवार्य रूप से अपलोड कर दिया जाए।

रेणुका कुमार ने कहा कि भविष्य में भी इसी वेबसाइट में कोरोना से मृत कार्मियों का विवरण फीड किया जाएगा। इससे समय पर राहत की धनराशि आश्रितों को दी जा सकेगी। आदेश के साथ ही राजस्व विभाग ने दो प्रारूप भी जारी किए हैं। पहले प्रारूप में कार्यालयाध्यक्ष को इस बात का प्रमाण पत्र देना होगा कि कार्मिक कोरोना की रोकथाम, बचाव व उपचार के कार्यों में तैनात था। दूसरे प्रारूप में सीएमओ को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि कार्मिक की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई है। साभार-दैनिक जागरण

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