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RRTS प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद लंदन, हांगकांग, पेरिस को पीछे छोड़ देगा दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिस्टम!

पढ़िये न्यूज़18 की ये खास खबर….

NCRTC Projects: एनसीआरटीसी के मुताबिक सभी आरआरटीएस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद DMRC और RRTS नेटवर्क सहित दिल्ली के मास ट्रांजिट सिस्टम की लंबाई 743 किलोमीटर हो जाएगी. इसके बाद ट्रांजिट सिस्टम की लंबाई लंदन क्रॉस रेल, हांगकांग एमटीआर और पेरिस आरईआर की लंबाई से भी अधिक होगी.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को रैपिड रेल (Rapid Rail) से जोड़ने के लिए तेजी से काम चल रहा है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ट्रांसपोर्ट निगम (NCRTC) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, (हरियाणा Haryana) और राजस्थान (Rajasthan) के शहरों को जोड़ने के लिये रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किए जाने हैं. इनमें से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस प्रोजेक्ट के फेज-1 के रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है. इस रूट पर कुल 82.15 किलोमीटर लंबा रेल कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है जिसके एक सेक्शन को मार्च, 2023 तक शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित है. और इस पूरे कॉरिडोर को 2025 तक शुरू किया जाएगा.

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के 82.15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर अभी तक 700 से ज्यादा पिलर खड़े कर दिए गए हैं. दिल्ली के हिस्से में 14 किलोमीटर तो यूपी के हिस्से में करीब 68 किलोमीटर ट्रैक तैयार किया जा रहा है. कुल 24 स्टेशनों वाले इस रूट पर 17 किलोमीटर पर 2023 में ट्रेन दौड़ा दी जाएगी जो कि 180 किलोमीटर की रफ्तार से सफर तय करेगी. मेक इन इंडिया के तहत अभी तक 40 ट्रेन सेट यानी 210 कोच का निर्माण किया जा रहा है.

दिल्ली-मेरठ आईआरटीएस के अलावा दिल्ली से पानीपत और सराय काले खां से अलवर तक भी रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किया जाना है. दिल्ली से पानीपत के रैपिड रेल कॉरिडोर की लंबाई 103.02 किमी है. वहीं, राजस्थान के अलवर और सराय काले खां के बीच भी रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किया जाना है. सराय काले खां से एसएनबी तक के 106 किमी का निर्माण किया जाएगा.

एनसीआरटीसी के मुताबिक सभी आरआरटीएस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद DMRC और RRTS नेटवर्क सहित दिल्ली के मास ट्रांजिट सिस्टम की लंबाई 743 किलोमीटर हो जाएगी. इसके बाद ट्रांजिट सिस्टम की लंबाई लंदन क्रॉस रेल, हांगकांग एमटीआर और पेरिस आरईआर की लंबाई से भी अधिक होगी.

दिल्ली मेट्रो की 7 लाइनों से होगी रैपिड रेल की कनेक्टिविटी 
अलवर लाइन भी दिल्ली में आईएनए, मुनीरका और एयरोसिटी मेट्रो स्टेशनों से कनेक्ट होगी. इसी तरह पानीपत लाइन का स्टेशन कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से कनेक्ट होगा. आने वाले वक्त में कुल मिलाकर दिल्ली मेट्रो की 8 में से 7 लाइनों पर रैपिड रेल की कनेक्टिविटी होगी.

सराय काले खां से अलवर तक रैपिड रेल को दी जा चुकी है हरी झंडी 
अधिकारियों के मुताबिक सराय काले खां से अलवर तक बनने वाली रैपिड रेल के लिए सराय काले खां से एसएनबी तक के 106 किमी के रूट की हरियाणा और दिल्ली सरकार (Delhi Government) से मंजूरी मिल चुकी है.

उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी से इस प्रोजेक्ट को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाएगी. फिलहाल  कंस्ट्रक्शन से पहले का कार्य क‍िया जा रहा है, ताकि मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने में अधिक वक्त न लगे.

पानीपत रैपिड रेल के 103.02KM लंबे कॉरिडोर पर बनेंगे 17 स्टेशन 
बताया जाता है कि पानीपत रैपिड रेल कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और उसको भी मंजूरी दी जा चुकी है. इससे हरियाणा और दिल्ली का सफर और आसान हो जाएगा. इस रूट के 103.02 किमी लंबे कॉरिडोर में कुल 17 स्टेशन होंगे. इसमें से 6 स्टेशन दिल्ली सीमा में और 11 स्टेशन हरियाणा के होंगे.

दो अलग-अलग फेज में होगा इस कॉरिडोर का निर्माण
जानकारी के मुताबिक इस कॉरिडोर का निर्माण 2 फेस में किया जाएगा. पहले फेज में सराय काले खां से मुरथल (सोनीपत) तक 58.28 किमी लंबा कॉरिडोर और दूसरे फेज में मुरथल से पानीपत तक 44.74 किमी लंबा कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा.

रैपिड रेल 180kmph की रफ्तार से दौडेगी
इस बीच देखा जाए तो दिल्ली-मेरठ रूट के 2023 में खुलने वाले एक सेक्शन (साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी) पर रैपिड रेल को 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाना प्रस्तावित है. जबकि दिल्ली मेट्रो ट्रेन अभी 70 से 80 किलोमीटर की स्पीड पर संचालित हो रही है. वर्तमान में अभी मेट्रो की सभी 12 लाइन जिसमें रैपिड मेट्रो गुरुग्राम (Rapid Metro Gurugram) और नोएडा मेट्रो जिसका नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) संचालित हो रही हैं.

DMRC की 389 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर 285 मेट्रो स्टेशन 
दिल्ली के मास ट्रांजिट सिस्टम में डीएमआरसी कुल 10 लाइन का संचालन कर रही है जिसमें एयरपोर्ट लाइन भी शामिल है. कुल 389 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर 285 मेट्रो स्टेशन अभी ऑपरेशनल हैं.
वहीं, रैपिड मेट्रो गुड़गांव के 11.7 किमी रूट का संचालन दिल्ली मेट्रो की ओर से किया जाता है. इस रैपिड मेट्रो को डीएमआरसी (DMRC) ने टेकओवर कर चुकी है. मास ट्रांजिट सिस्टम में नोएडा मेट्रो जिसको नोएडा अथॉरिटी संचालित करती है, वह भी शामिल है.

आने वाले समय में जब NCRTC का RRTS के सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे तो यह मेट्रो रेल नेटवर्क (Metro Rail Network) और RRTS नेटवर्क के मिलने के बाद लंदन, पेरिस और हांगकांग का मास नेटवर्क को पीछे छूट जाएगा.

अधिकारियों के मुताबिक सभी आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों के साथ एकीकृत किए जाएंगे. जहां कहीं भी आपस में जुड़े हुए हैं, जबकि आरआरटीएस रीजनल परिवहन के लिए रीड की हड्डी के रूप में कार्य करेगा जिसका पूरक होंगी दिल्ली मेट्रो फीडर लाइन है और अन्य सेवाएं.

NCRTC के इन RRTC प्रोजेक्ट काे किया जा रहा तैयार
-दिल्ली-मेरठ रूट का रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम 82.15 किमी
-दिल्ली से पानीपत रैपिड रेल कॉरिडोर 103.02 किमी
-सराय काले खां से अलवर तक रैपिड रेल के लिए सराय काले खां से एसएनबी तक के 106 किमी साभार- न्यूज़18

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