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Covid India Updates: देश के 18 जिलों में बढ़ रहे मामलों ने बढ़ाई चिंता: स्वास्थ्य मंत्रालय

पढ़िये दैनिक जागरण की ये खास खबर….

संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में 18 जिले ऐसे हैं जहां पिछले 4 हफ्तों से कोविड मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन 18 जिलों से देश के 47.5 फीसद कोविड मामले आ रहे हैं।

 नई दिल्‍ली, एएनआइ। देश में फिर कोरेाना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कांफ्रेंस में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में 18 जिले ऐसे हैं जहां पिछले 4 हफ्तों से कोविड मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन 18 जिलों से देश के 47.5 फीसद कोविड मामले आ रहे हैं। केरल के 10 जिलों से पिछले एक हफ्ते में 40.6 फीसद कोरोना मामले आए हैं। 44 जिले ऐसे हैं जहां मामले की पॉजिटिविटी रेट 10 फीसद से अधिक है। ये जिले केरल, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में हैं। 1 जून को 279 जिले थे, जहां 100 से अधिक मामले सामने आए थे, लेकिन अब यह 57 जिलों में आ गया है, जहां देश में 100 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।

लव अग्रवाल ने कहा कि 10 मई को देश में 37 लाख सक्रिय मामले थे वह घटकर अब 4 लाख रह गए। एक राज्य ऐसा है जहां 1 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं और 8 राज्य ऐसे हैं जहां 10,000 से 1 लाख सक्रिय मामले हैं। 27 राज्य ऐसे हैं जहां 10,000 से भी कम सक्रिय मामले हैं।

देश में टीकाकरण को लेकर उन्‍होंने कहा कि देश में कुल 47.85 करोड़ खुराकें दी गईं, जिसमें पहली खुराक की 37.26 करोड़ और दूसरी खुराक की 10.59 करोड़ शामिल हैं। कुछ ऐसे राज्य हैं, जहां 3 करोड़ से अधिक टीकाकरण की खुराक की आपूर्ति की गई है। यूपी को 4.88 करोड़ डोज, महाराष्ट्र को 4.5 करोड़ डोज और गुजरात को 3.4 करोड़ डोज दी गई है।

उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने कहा कि दुनिया भर में बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं और महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। जहां तक भारत का सवाल है, दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। प्रतिदिन 30 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं। अभी भी हमें दूसरी लहर को सबसे पहले नियंत्रण करना है।

उन्‍होंने कहा कि प्रजनन (आर) संख्या का उपयोग कर विकास दर और सक्रिय मामलों का भी आकलन किया जाता है। यह संपूर्ण संक्रामक अवधि के दौरान एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा उत्पन्न नए संक्रमणों की औसत संख्या है।

उधर, नीति आयोग के सदस्‍य डॉ वीके पॉल ने कहा कि सीरोसर्वे यह बताने के विशिष्ट उद्देश्य से किया जाता है कि कितने लोगों को कोविड का पिछला अनुभव है। यह राज्य के स्तर पर विवरण को कवर करने के लिए नहीं है। डेटा की व्याख्या करने या भ्रामक जानकारी देने का यह तरीका नहीं है।साभार-दैनिक जागरण

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