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मिसाल : कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए सिरसा में 11वीं की छात्रा ने दान कर दिए अपने ढाई फीट लंबे बाल

पढ़िये  दैनिक जागरण की ये खास खबर….

मुस्कान चहल ने कैंसर पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए अनोखा प्रयास किया है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली मुस्कान कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई कर रही है। इस दौरान वीडियो पर देखा कि कैंसर पीड़ित महिलाओं के उपचार के दौरान कीमोथेरेपी लगाने के बाद उनके बाल उड़ जाते हैं

सिरसा : दान तो कई तरह का होता है, मगर दान अगर सिर के बालों का हो तो सोचिए कैसा हो। बाल भी ढाई फीट लंबे। हरियाणा के सिरसा जिले में एक अलग तरह का त्‍याग करने का मामला सामने आया है। मगर यह आसान न था। क्‍योंकि माना जाता है कि इंसान के बालों से उसका सोंदर्य बढ़ जाता है। मगर सिरसा में शाह सतनामपुरा कालोनी की रहने वाली मुस्कान चहल ने कैंसर पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए अपने ढाई फीट लंबे बाल दान कर दिए। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली मुस्कान कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई कर रही है। इस दौरान उसने इंटरनेट मीडिया पर देखा कि कैंसर पीड़ित महिलाओं के उपचार के दौरान कीमोथेरेपी से इलाज करने के बाद उनके बाल उड़ जाते हैं। माना जाता है कि सिर के बाल उड़ जाने के कारण महिलाओं की सुंदरता कम हो जाती है।

मुस्कान ने सर्च किया तो पता चला कि दक्षिण भारत की संस्था हेयर क्राउन एनजीओ कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। संस्था कीमोथेरेपी करवा चुकी महिलाओं को विग बनाकर देती है। इस कार्य के लिए वे स्वस्थ युवतियों अथवा महिलाओं के बाल लेती है। मुस्कान को जब इस अनोखे दान की जानकारी मिली तो उसने अपने बाल देने का निर्णय लिया।

–हेयर क्राउन संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि अगर बाल भेजने हैं तो उनकी लंबाई कम से कम 10 ईंच होनी चाहिए। मुस्कान चहल के बालों की लंबाई करीब ढाई फीट थी। उसकी मां नीलम ने उसके बालों को अच्छी तरह से पोषित किया था, जिसके चलते उसके बाल घुटनों तक लंबे थे। परिवार में सब उसके सुंदर बालों की तारीफ करते थे। नीलम ने संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने बाल काटने की विधि बताई और उन्हें कोरियर करवाने को कहा।

जिस पर नीलम के पिता रमेश चहल ने घर पर ही सैलून संचालक को बुलाकर अपनी बेटी के बालों को लंबाई से कटवाया और उन्हें संस्था को भेज दिया। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि मुस्कान चहल के बालों से तीन महिलाओं की विग बन जाएगी और वे फिर से सुंदर दिखाई देने लगेगी।

–मुस्कान की मां नीलम चहल का कहना है कि उसने अपनी बेटी के बालों की बहुत अच्छे तरीके से देखभाल की थी। आंवला, रीठा, शहद, दही, लस्सी इत्यादि से बालों को धोती थी। बेटी ने जब बाल डोनेट करने की इच्छा जताई तो थोड़ा दुख हुआ परंतु बाद में सोचा कि बेटी के इस प्रयास से कैंसर पीड़ित महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लौटेगी, और बालों का क्या है ये तो फिर बढ़ जाएंगे। साभार-दैनिक जागरण

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