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संशोधित : पीएम आवास योजना में अपात्रों को भवन आवंटन की सीबीआइ जांच शुरू

पढ़िये दैनिक जागरण की ये खास खबर….

गाजियाबाद : अपात्र लोगों को पर्याप्त दस्तावेजों के बगैर प्रधानमंत्री आवास योजना में भवन आवंटन के आरोप की सीबीआइ ने जांच शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को सीबीआइ टीम ने जीडीए कार्यालय पहुंचकर भवन आवंटन की प्रक्रिया के बारे में प्राधिकरण के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मधुबन-बापूधाम योजना में जिन 856 आवंटियों को भवन का आवंटन हुआ है। उनकी सूची व संबंधित दस्तावेज सीबीआइ टीम जीडीए अधिकारियों से लेकर गई है। आंकड़े एक नजर में – वर्ष 2017 में पहली बार लांच की गई थी पीएम आवास योजना

– मधुबन-बापूधाम में पीएम आवास के भवनों के लिए करीब 7,000 लोगों ने किया था आवेदन

– डूडा ने दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 7,003 में से 3,893 पात्र लोगों का किया था चयन

– वर्ष 2020 में जीडीए ने ड्रा कराकर मधुबन-बापूधाम में 856 लोगों किया था भवन आवंटित

– पीएम आवास योजना में प्रत्येक भवन की कीमत पांच लाख, ढाई लाख रुपये की मिलती है छूट

– ढाई लाख में एक लाख प्रदेश सरकार व डेढ़ लाख देती है केंद्र सरकार

– पीएम आवास योजना में आवेदन के लिए तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए आवेदक की पारिवारिक आय क्या है प्रक्रिया? पीएम आवास योजना के तहत योजना जीडीए लांच करता है। आनलाइन आने वाले आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों की जांच जीडीए द्वारा डूडा से कराई जाती है। आवेदकों के दस्तावेज सही हैं या नहीं, पर्याप्त हैं या नहीं? यह जांचने के बाद पात्र लोगों की सूची डूडा द्वारा जीडीए को सौंप दी जाती है। इसी सूची के आधार पर जीडीए द्वारा गठित समिति की मौजूदगी में ड्रा कराकर भवनों का आवंटन किया जाता है। यह है आरोप आरोप यह है कि फर्जी आय प्रमाणपत्र, बिना जाति प्रमाणपत्र व बिना मूल निवास प्रमाणपत्र के ही लोगों को पात्रता की सूची में रखा गया। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक कोटे पर 25-30 साल के युवकों को भवन आवंटन करने का आरोप है। सबसे पहले जून 2020 में भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने मामले को उठाया था और आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी मामले को उठाकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। हालांकि सीबीआइ अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में वह दस्तावेज लेने जीडीए आए थे। पीएम आवास योजना के लिए आवेदकों के दस्तावेजों की जांच डूडा करता है। जीडीए डूडा की सूची के आधार पर ही आवंटन करता है। सीबीआइ टीम ने पीएम आवास योजना से संबंधित जो जानकारी व दस्तावेज मांगे। वह मुहैया करा दिए गए हैं।

– कृष्णा करुणेश, जीडीए उपाध्यक्ष। साभार-दैनिक जागरण

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