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लंबी होती जा रही खाकी पर कलंक की फेहरिस्त

पढ़िये दैनिक जागरण की ये खास खबर…

साहिबाबाद। कौशांबी थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह पर लगे मारपीट व अवैध उगाही के आरोप से चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं इस प्रकरण से पुलिसकर्मियों की पिछली करतूतों की यादें भी ताजी हो गई हैं। इससे साफ है कि जिले में खाकी पर कलंक की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। इस पर अंकुश लगाना पुलिस अधिकारियों के लिए चुनौती है। सौ रुपये तक वसूलने में गुरेज नहीं: जिले में पुलिसकर्मियों की घूसखोरी पर अंकुश नहीं लग रहा है। आलम यह है कि यहां पुलिसवाले रिश्वत के रूप में 100 रुपये तक लेने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। बतौर बानगी वर्ष 2020 में लिक रोड थाना के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह पर पासपोर्ट के सत्यापन के नाम पर 100 रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा।

इस पर उन्हें निलंबित किया गया। लिक रोड थाना की बृज विहार पुलिस चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी बिजेंद्र पर दुकानदार से हर माह एक हजार रुपये की उगाही करने का आरोप लगा। साल-दर-साल लग रहा है दाग : आंकड़ों की बात करें, तो यहां बरसों से हर तीन-चार माह में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगते आ रहे हैं। पुलिसकर्मी निलंबित किए जाते हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हो रहा है। वर्ष 2016 में साहिबाबाद थाना में तैनात हेड कांस्टेबल ऋषिपाल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता के आरोप में एक साथ 44 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। उसी साल उगाही के आरोप में इंदिरापुरम थाना के सिपाही श्रीकांत, शमीम, नारायण व सुधीर कुमार निलंबित हुए। मई 2021 में लोनी बार्डर थाना के प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह व सिपाही कुलदीप यादव पर अवैध असलहा बरामद करने वाले को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप लगा और दोनों निलंबित किए गए। महेंद्र के पक्ष में कारवा : महेंद्र सिंह पर दुकानदार चंदन ने मारपीट करने और 50 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। मारपीट सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। उसी के आधार पर शुक्रवार देर रात उन्हें निलंबित किया गया है। कौशांबी अपार्टमेंट रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। वर्जन..

गलत कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिसकर्मियों की काउंसिलिग भी की जाएगी। इससे निश्चित ही सुधार होगा।

– पवन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गाजियाबाद।

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पुलिसकर्मियों पर लगे दाग के कुछ प्रमुख मामले :

– सितंबर 2021 : लिक रोड थाना के मुख्य आरक्षी महिपाल सिंह पर मैनपुरी जिले के किशनी थाना में दर्ज मुकदमे में पीड़िता की गलत तरीके से मदद करने का आरोप लगा। वह निलंबित किए गए।

– अगस्त 2021 : खोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद असलम पर प्लाट पर कब्जा कराने और एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा।

– सितंबर 2020 : कवि नगर थाना क्षेत्र की शास्त्री नगर पुलिस चौकी प्रभारी एसपी सिंह जादौन पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा। उन्हें निलंबित किया गया।

– जून 2020 : लाइनहाजिर होने के बावजूद विवेचना में दखलंदाजी करने पर उपनिरीक्षक मोहम्मद जफर निलंबित हुए।

– जनवरी 2020 : इंदिरापुरम थाना की कनावनी पुलिस चौकी प्रभारी रविता चौधरी पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप।

– नवंबर 2019 : इंदिरापुरम थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दीपक शर्मा, उपनिरीक्षक संदीप सिंह व सचिन कुमार पर 12 लाख के गबन का आरोप लगा। तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।

साभार-दैनिक जागरण

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