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इंफोसिस ने माना, नए आयकर पोर्टल पर रिटर्न फाइल करने में अभी भी दिक्कत

नई दिल्ली। प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि कुछ उपयोगकर्ताओं को अभी भी आयकर पोर्टल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और भरोसा दिया कि वह आयकर विभाग के सहयोग से पोर्टल को सुविधाजनक बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। इंफोसिस ने बताया कि अभी तक तीन करोड़ से अधिक लोगों ने आयकर पोर्टल में लॉगिन किया है और सफलतापूर्वक कई सारी सुविधाओं का लाभ लिया।

जून में नए आयकर पोर्टल लॉन्च करने के बाद से लगातार आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही है, जिस कारण कंपनी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है हालांकि इंफोसिस ने बताया कि पिछले कुछ समय से इसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है। इंफोसिस ने कहा कि वह कुछ उपयोगकर्ताओं को पेश आ रही दिक्कतों को स्वीकार करती है और उनकी चिंताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए 1,200 से अधिक करदाताओं के साथ सीधे जुड़ी हुई है।

आईटी कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में पोर्टल के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी गई है, और तीन करोड़ से अधिक करदाताओं ने पोर्टल में लॉग इन किया है और सफलतापूर्वक विभिन्न लेनदेन को पूरा किया। इंफोसिस ने एक बयान में कहा, ”पोर्टल ने करोड़ों करदाताओं के लेनदेन को सफलतापूर्वक पूरा करने के साथ लगातार सुधार किया है। कंपनी कुछ उपयोगकर्ताओं को अभी भी पेश आ रही कठिनाइयों को स्वीकार करती है और आयकर विभाग के सहयोग से इस पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि उपयोगकर्ताओं के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके।”

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने बयान में बताया कि सितंबर महीने के दौरान औसतन 15 लाख से अधिक यूनिक टैक्सपेयर्स ने पोर्टल पर रोजाना लॉगिन किया है और अब तक 1.5 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किया गया। इंफोसिस ने बताया कि 85 परसेंट से अधिक टैक्सपेयर्स जिन्होंने अपना रिटर्न दाखिल किया है, उन्होंने अपना ई-वेरिफिकेशन भी पूरा कर लिया है।इंफोसिस ने नए आईटी पोर्टल पर कुछ सेवाओं की एक सूची जारी करते हुए कहा है कि करदाता अब इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इन सुविधाओं का उठा सकते हैं लाभ

  • नए पोर्टल के जरिये करदाता आधार ओटीपी की मदद से ई-सत्यापन कर सकते हैं। 
  • आईटीआर-1, 2, 3, 4, 5 और 7 अब दाखिल करने के लिए उपलब्ध है। 
  • कई वैधानिक फॉर्म अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।
  • 15जी, 15एच, ईक्यू1, 10ए, 10ई, 10आईई, डीटीवीएसवी, 15सीए, 15सीबी एवं 35 जैसे कई अहम
  • वैधानिक फॉर्म के साथ बड़ी संख्या में टीडीएस रिटर्न भरे जा रहे हैं।
  • करदाता अब ई-कार्यवाही, नोटिस एवं मांगों का जवाब, ई-पैन सुविधा, डीएससी पंजीकरण और
  • कानूनी उत्तराधिकारी के लिए कार्यक्षमता जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इंफोसिस ने कहा कि भारत सरकार के साथ पार्टनरशिप करने पर उन्हें गर्व है और देश की टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी के डिजिटल विकास में तेजी लाने के लिए वह विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। आईटी कंपनी ने बताया कि वर्तमान में आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नए पोर्टल को सुविधाजनक बनाने का काम तेजी से चल रहा है। 750 से ज्यादा डेडिकेटेड कर्मचारी पोर्टल की कमियों को दूर करने में जुटे हैं।

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