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पंजाब कांग्रेस में नया तमाशा, अब कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू का इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में सियासी उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में कहा, ‘किसी के चरित्र के पतन की शुरुआत समझौते से होती है। मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे पर कभी समझौता नहीं कर सकता। इसलिए मैं पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा।’

सिद्धू ने अपने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है, लेकिन माना जा रहा है कि वे CM न बनाए जाने से नाराज चल रहे थे। इसके बाद मंत्री पद और मंत्रालयों के बंटवारे में भी सिद्धू की नहीं चली। मंगलवार को मंत्रालय बांटे गए, सिद्धू के विरोध के बावजूद गृह विभाग सुखजिंदर रंधावा को दे दिया गया। इसके बाद दोपहर में ही सिद्धू का इस्तीफा सामने आ गया।

नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रतिक्रिया आई है। कैप्टन ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि सिद्धू स्थिर आदमी नहीं है, वह पंजाब जैसे बॉर्डर स्टेट के लिए फिट नहीं है। बीते कुछ महीनों से पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनकी तकरार चल रही थी। बाद में कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का सीएम बनाया। इसके बादा माना जा रहा था कि पंजाब में कांग्रेस ने सबकुछ ठीक कर लिया है। हालांकि, अब सिद्धू ने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया है।

चन्नी ने आज ही किया है विभागों का बंटवारा
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नए मंत्रियों को मंगलवार को विभाग वितरित करते हुए अपने पास 14 विभाग रखे और उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को गृह विभाग एवं उपमुख्यमंत्री ओ पी सोनी को स्वास्थ्य विभाग का प्रभार सौंपा। उन्होंने स्थानीय सरकार एवं संसदीय मामलों के विभाग की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता ब्रह्म महिंद्रा को सौंपी। मुख्यमंत्री के पास जो प्रमुख विभाग होंगे, उनमें बिजली, उत्पाद शुल्क, खनन एवं भूविज्ञान, पर्यावरण और नागरिक उड्डयन शामिल हैं। रंधावा को सहकारिता विभाग एवं कारागार विभाग का भी कार्यभार सौंपा गया, जबकि सोनी रक्षा सेवा कल्याण और स्वतंत्रा सेनानी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। एक अन्य वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को वित्त विभाग दिया गया है।

बादल समेत पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल रहे कई मंत्रियों से उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी वापस नहीं ली गई है। तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ग्रामीण एवं पंचायत तथा पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास मंत्री होंगे। अरुणा चौधरी को राजस्व, सुखबिंदर सिंह सरकारिया को जल संसाधन, रजिया सुल्ताना को जलापूर्ति एवं स्वच्छता और महिला एवं बाल विकास तथा भारत भूषण आशु को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग दिए गए हैं। विजय इंदर सिंगला लोक निर्माण विभाग संभालेंगे, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग जो पहले उनके पास था, उसे नए मंत्री परगट सिंह को आवंटित किया गया है, जो नए खेल मंत्री भी होंगे।

नए मंत्रियों में शामिल रणदीप सिंह नाभा कृषि और किसान कल्याण विभाग, राणा गुरजीत सिंह तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण और बागवानी विभाग, जबकि राजकुमार वेरका सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों का विभाग, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग संभालेंगे। एक और नए चेहरे अमरिंदर सिंह राजा वारिंग परिवहन मंत्री होंगे, संगत सिंह गिलजियान वन, वन्यजीव और श्रम मंत्री होंगे, जबकि गुरकीरत सिंह कोटली उद्योग और वाणिज्य विभाग संभालेंगे। मुख्यमंत्री कार्मिक, सतर्कता, सामान्य प्रशासन, न्याय, कानूनी और विधायी मामलों, सूचना और जनसंपर्क, निवेश प्रोत्साहन, आतिथ्य, बिजली, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभागों के प्रभारी होंगे।

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