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केंद्र सरकार ने बढ़ाया बीएसएफ का अधिकार तो कांग्रेस में फिर हुआ बवाल

नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं लेकिन यहां मौजूद सियासी बवाल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। कृषि कानूनों और प्रदेश कांग्रेस में छिड़े घमासान के बाद अब बीएसएफ का दायरा बढ़ाने पर वहां की राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ पंजाब के मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इसे सही फैसला करार दिया है। दरअसल, केंद्र गृह मंत्रालय ने बुधवार को तीन राज्यों में सीमा सुरक्षा बल का क्षेत्राधिकार बढ़ाया है. जिसमें पंजाब भी शामिल है।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘मैं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ 50 किमी के क्षेत्र में बीएसएफ को अतिरिक्त अधिकार देने के भारत सरकार के एकतरफा फैसले की कड़ी निंदा करता हूं, जो संघवाद पर सीधा हमला है। मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस असंगत निर्णय को तुरंत वापस लेने का आग्रह करता हूं।’ वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘कश्मीर में हमारे जवान मारे जा रहे हैं। हम लगातार देख रहे हैं क‍ि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के द्वारा पंजाब में अधिक से अधिक हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। बीएसएफ की अतिरिक्‍त उपस्थिति एवं ताकत हमें और ज्‍यादा मजबूत करेगी।’

विरोधियों पर निशाना साधते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘केंद्रीय सशस्त्र बलों को राजनीति में न घसीटें।’ अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘राष्‍ट्रीय सुरक्षा के मामले में पक्षपातपूर्ण सोच नहीं रखनी चाहिए। यहीं बात मैंने सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय में भी कही थी और आज भी कह रहा हूं। जब देश की सुरक्षा ताक पर हो तो राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। आज एक बार फिर देश की सुरक्षा खतरे में है।’

वहीं, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसे लेकर सीएम चन्नी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की गृह मंत्री अमित से बैठक की पोस्ट और BSF को दी गई नई जिम्मेदारी की मीडिया रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने अनजाने में आधा पंजाब केंद्र को सौंप दिया है। जाखड़ ने कहा है कि अब पंजाब के 50000 वर्ग किलोमीटर के इलाके में से करीब 25000 वर्ग किलोमीटर बीएसएफ के दायरे में होगा। पंजाब पुलिस सिर्फ खड़ी रहेगी।

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस फैसले की निंदा की और केंद्र से इसे वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस कदम को वापस लेने का आग्रह करता हूं। मुझे समझ में नहीं आता कि सरकार के दिमाग में क्या है, लेकिन यह हस्तक्षेप और हमारे अधिकारों पर हमला है’ रंधावा ने कहा कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन के मुद्दे के समाधान के बजाय, केंद्र ने बीएसएफ को सीमा के अंदर 50 किलोमीटर की दूरी तक कार्रवाई करने की अनुमति देने का फैसला किया है।

क्या है नए आदेश में?
बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाते हुए अब अधिकारियों को गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की शक्तियां भी दे दी गई हैं। ये अधिकार बीएसएफ को भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में दिया गया है। आसान शब्दों में अब मैजिस्ट्रेट के आदेश और वॉरंट के बिना भी बीएसएफ इस अधिकार क्षेत्र के अंदर गिरफ्तारी और तलाशी कर सकती है। पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में पहले 15 किलोमीटर के दायरे में सर्च और अरेस्ट करने का अधिकार था, जिसे अब बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक कर दिया गया है।

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