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हिंडन एलिवेटेड रोड को नहीं मिला ग्रीन सिग्नल, प्रदेश सरकार के पाले में डाली गेंद

गाज़ियाबाद | पर्यावरण मंत्रालय ने हिंडन एलिवेटेड रोड की पर्यावरण एनओसी के लिए पर्यावरण मंत्रायल ने प्रदेश सरकार के पाले में गेंद डाल दी है। मंत्रालय ने गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को आदेश दिया है कि वे ग्रीन क्लियरेंस के लिए प्रदेश की पर्यावरण कमेटी में आवेदन करें। जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि अब प्रदेश की एसईआईएए में एनओसी के लिए आवेदन किया जाएगा। बता दें कि एलिवेटेड रोड बन कर तैयार है लेकिन जीडीए ने अभी तक पर्यावरण एनओसी नहीं ली है। प्राधिकरण ने स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) में पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। इस अर्जी को उन्होंने स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (एसईएसी) को भेज दिया। वहां से स्वीकृति नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रायल में आवेदन किया। मंगलवार को पर्यावरण मंत्रायल ने जीडीए के आवेदन को संज्ञान में लिया। इसके बाद उन्होंने जीडीए को एसईआईएए में पर्यावरण स्वीकृति करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जीडीए ने पर्यावरण मंत्रायल में शपथ पत्र दिया था कि एसईआईएए भंग हो चुकी है। पर्यावरण मंत्रालय का तर्क है कि यह एसईएईएए 15 अक्तूबर 2017 से काम कर रहा है। ऐसे में पर्यावरण एनओसी वहीं देगी। जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण जल्द से जल्द एसईआईएए में आवेदन करेगा।

दरससल कड़कड़ मॉडल गांव निवासी सुशील राघव ने जुलाई 2016 में एनजीटी में याचिका दायर की थी, जिसमें बर्ड सेंचरी और झील के खसरों पर एलिवेटेड रोड का निर्माण होने की बात कही गई थी। करीब एक साल पहले इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने जीडीए को छह महीने के अंदर पर्यावरण मंत्रायल से एनओसी लेने के आदेश दिए थे। एनजीटी के आदेश के बाद जीडीए ने 26 दिसंबर 2016 को स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) में पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन किया। इस अर्जी को उन्होंने स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (एसईएसी) को भेज दिया। वहां की स्वीकृति के बाद अब मामला केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रायल में अटका हुआ है। पिछले दिनों एनजीटी ने इसपर सख्त नाराजगी जताते हुए पर्यावरण मंत्रायल को एक महीने के अंदर एनओसी देने का आदेश दिया था। अगली सुनवाई एनजीटी में 20 फरवरी को है।


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