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जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी ने दिखाई सख्ती तो रेड मॉल ने जमा कराए ₹ 25 करोड़

गाजियाबाद | गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने जब अपना रवैया सख्त किया तो रेडमॉल के मालिकों ने अपनी बकाया राशि में से 25 करोड़ रुपये जीडीए में जमा करा दिए। जबकि 15 करोड़ रुपये 25 फरवरी तक जमा कराने के लिए जीडीए को लिखकर दिया है। हाल ही में हैबिटेट क्लब ने भी कोर्ट के आदेश पर 70 करोड़ रुपये जमा किए थे। हालांकि जीडीए का कहना है कि अभी 43 करोड़ रुपये का ब्याज व पैनल ब्याज का बकाया है। ये मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

जीडीए के संपत्ति अधिकारी व व्यवसायिक प्रभारी एआर राही ने बताया कि जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर व्यवसायिक सहित अन्य क्षेत्रों की करीब 450 करोड़ की आरसी जारी की गई थी। इसमें से 25 फीसद की रिकवरी हो गई है। शेष वसूली के लिए जीडीए उपाध्यक्ष का दबाव अधिकारियों पर है, अगर किसी ने पैसे जमा करने में लापरवाही बरती तो उस संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

नवंबर में जीडीए ने कार्रवाई करते हुए करीब 147 करोड़ रुपये के बकाया मामले में जीटी रोड स्थित रेडमॉल के दफ्तर को सील कर दिया था। अधिकारियों की मानें तो रेडमॉल के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर आरसी पहले से जारी की गई थी, लेकिन उसके बाद भी कोई पैसा जमा नहीं कराया गया। प्रशासन ने टीम भेजकर रेडमॉल का ऑफिस सील कर दिया था। जीडीए ने रेडमॉल के लिए साल 2006 में 42000 वर्ग भूमि मुहैया कराई थी। निर्धारित धनराशि का 25 फीसदी जमा कराए जाने के बाद जीडीए द्वारा कब्जा दे दिया गया। बकाया धनराशि जमा करने के लिए तीन बार पेमेंट शेड्यूल को नए सिरे से निर्धारित किया गया, लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। जीडीए का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद से फर्म द्वारा कोई धनराशि जमा नहीं कराई गई है। कई बार नोटिस भी जारी किया गया। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने बकायेदारों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया तो उसके बाद रेडमॉल पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।


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