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अवैध पार्किंग पर डीएम हुई सख्त, जांच में नपेंगे निगम और पुलिस के कई कर्मचारी

गाजियाबाद। वैशाली में मेट्रो स्टेशन के सामने चल रही अवैध पार्किंग में पुलिस और नगर निगम के कई कर्मचारियों का फंसना तय है। इस मामले में जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी सख्त हो गई है। सूत्रों ने बताया कि यह मामला शासन तक पहुँच गया है। यह अवैध पार्किंग कई साल से चल रही थी। यहाँ किसी भी समय 40 से 50 टेंपो खड़े किए जाते थे और हर टेंपो चालक से 20 रुपये लिए जाते थे। इस तरह लाखों रुपये वसूले गए। मामले की गोपनीय जांच कराई जा रही है। इसमें कई निगम और गाज़ियाबाद पुलिस के कर्मचारियों का नपना तय है।

ऐसी अवैध पार्किंग सिर्फ वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने ही नहीं बल्कि नए और पुराने बस अड्डे, चौधरी मोड़, लाल कुआं, कलेक्ट्रेट के सामने, मोहन नगर, आराधना बार्डर जैसी कई जगहों पर ऑटो चालकों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। अवैध वसूली के आर्थिक पहलू का अंदाजा इसी बात से लग सकता है कि गाज़ियाबाद में लगभग 5,000 ऑटो और विक्रम चल रहे हैं। इन सभी से हर दिन किसी न किसी स्टैंड पर पार्किंग के नाम से 20 रुपये वसूले जाते हैं। इस हिसाब से हर दिन कम से कम 1 लाख रुपया एकत्र होता है जो पार्किंग के ठेकेदार (ज़्यादातर नेताओं के गुर्गे) और पुलिस के बीच बाँट लिया जाता है।


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