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आरोपी पति को आजीवन कारावास, गला घोंटकर की थी पत्नी की हत्या

गाज़ियाबाद। दहेज हत्या मामले में जिला जज की अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में सास, ससुर को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि घटना के वक्त नाबालिग दो आरोपी देवर-ननद की सुनवाई किशोर बोर्ड न्यायालय में चल रही है।

मंगलवार को जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश गिरजेश कुमार पांडेय की अदालत से इस मामले पर फैसला सुनाया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश यादव ने बताया कि जिला जज ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मृतका के पति वसीम को उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियुक्त सास और ससुर को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। तीनों अभियुक्तों को 10-10 हजार का अर्थदंड भी भरना होगा। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश यादव ने बताया कि मेरठ के परीक्षित गढ़ निवासी जुल्फिकार ने अपनी पुत्री आयशा की शादी नौ सितंबर 2012 को साहिबाबाद के सिकंदरपुर निवासी वसीम से की थी। शादी में दान दहेज देने के बाद भी वसीम और ससुराल पक्ष के लोग मोटरसाइकिल की मांग करते थे।

मोटरसाइकिल नहीं देने पर आयशा को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने शादी के दो वर्ष आठ माह बाद ही आयशा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयशा के गले की हड्डी टूटने की पुष्टि होने पर साहिबाद थाने में नामजद मुकदमा किया गया था। घटना के वक्त वसीम के नाबालिग भाई आबिद और बहन शहाना का मामला अलग से चल रहा है।

 

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