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असली हीरो- घर मे बेटी की मौत लेकिन घायल युवक की जान बचाने में जुटा रहा यह कॉन्स्टेबल

सहारनपुर। सहारनपुर में आज सुबह एक ऐसी घटना घटी जो शायद हर किसीको सोचने पर मजबूर कर दे। यहाँ एक पुलिस वाले ने कर्म और फर्ज के आड़े अपनी व्यक्तिगत परेशानियों को भी नही आने दिया। आज सुबह 9:30 बजे सहारनपुर पीआरवी को सूचना मिली कि एक युवक को कुछ बदमाशों ने चाक़ू मार दिया है लेकिन अभी वह ज़िंदा है।

सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए पीआरवी रवाना हुयी, तभी पीआरवी में मौजूद हेडकांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह तोमर को उनकी पत्नी ने फ़ोन किया। उनकी पत्नी ने बताया कि उनकी बिटिया अब इस दुनिया में नहीं रही। एक वर्ष पहले ही भूपेन्द्र सिंह ने अपनी बेटी की शादी की थी। लेकिन अचरज की बात ये कि बेटी की मौत से ज्यादा भूपेन्द्र सिंह को अपने फर्ज की चिंता हुई।

उन्होंने अपने बगल में बैठे साथी से कहा कि मेरी बेटी तो चली गयी लेकिन अभी जिसे चाक़ू लगा है उसे देखते हैं। जो होना था वो हो चुका लेकिन जिसकी जान ख़तरे में है और वो भी किसी का बेटा है। घटनास्थल पर पहुंचकर देखा कि युवक ज़मीन पर पड़ा तड़प रहा था जिसकी हालत अत्यधिक ख़ून बह जाने से बेहद नाज़ुक थी। आनन फानन में उसे उठाया और एम्बुलेंन्स का इंतज़ार किए बग़ैर अपनी गाड़ी से हॉस्पिटल ले भागे।

युवक को यहाँ प्राथमिक उपचार देने के बाद मेडिग्राम हॉस्पिटल सहारनपुर के लिए रेफ़र कर दिया गया। हालत गम्भीर थी इसलिए उसे देहरादून रेफ़र कर दिया गया। भूपेन्द्र सिंह का यह सराहनीय प्रयास रंग लाया और अब युवक की हालत में अब काफ़ी काफ़ी सुधार है। भूपेन्द्र तोमर ने अपनी बेटी के खोने का दुःख किसी को जाहिर नही होने दिया। इनके गाँव वालो को पता चला तो वो भी उनके धैर्य की दाद देते हुए नही थके।

हमारा गाजियाबाद की तीन ऐसे जाँबाज पुलिस वालों की सलाम करती है।

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