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केजरीवाल की लिखित माफी से कम कुछ भी स्वीकार नहीं, अपनी बात पर अड़ी है आईएएस फॉरम

नई दिल्ली | दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव पर हमला मामले में आईएएस के ज्वॉइट फोरम ने हाथों में विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लिखित में माफी मांगने की मांग की। आईएएस ज्वॉइंट फोरम की तरफ से पूजा जोशी ने कहा- ”हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री लिखित में माफी मांगें। घटना के लिए माफी मांगने के बजाय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री घटना से इनकार कर रहे हैं। यह दिखाता है कि वे षड़यंत्र के हिस्सा हैं।” बता दें दिल्ली सरकार के दो विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश झारवाल पर दिल्ली मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और दोनों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चल रहा है। इस घटना के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों में रोष देखा जा रहा है और वे केजरीवाल सरकार से कोई भी संवाद लिखित तरीके से ही कर रहे हैं।

शुक्रवार (24 फरवरी) को दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने उपराज्यपाल से मिलकर कहा था कि वे अधिकारियों से बात करेंगे। शनिवार (25 फरवरी) को दिल्ली सरकार के मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने मामला सुलझाने के लिए अधिकारियों को बातचीत का न्योता भी दिया। केजरीवाल सरकार में मंत्री सीमापुरी से विधायक राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा है कि मुख्य सचिव से कथित मारपीट के आरोपी विधायक जेल में हैं और पुलिस जांच कर ही रही है। इसलिए अधिकारियों को सामान्य रूप से काम शुरू कर देना चाहिए।

इस मामले जांच को लेकर सीएम केजरीवाल केंद्र की मोदी सरकार पर जरूरत से ज्यादा रुचि लेने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि केंद्र सरकार जज लोया केस में इसी तरह रुचि क्यों नहीं लेती? पिछले दिनों सीएम केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन ने अदालत में अपने पहले के बयानों का खंडन करते हुए नए बयान में स्वीकारा था कि उन्होंने आप विधायकों को मुख्य सचिव पर हमला करते हुए देखा था। सूत्रों के हवाले यह भी खबर है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि उन्हें अधिकारियों से मिलकर चलना चाहिए।


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