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इस महिला मेयर ने बना दिया इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर, थूकने पर भरना पड़ता है जुर्माना

इंदौर। शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ने इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया था। इंदौर को देश का सबसे साफ शहर बनाने के पीछे वहां के लोगों के अलावा मेयर मालिनी गौड़ का भी काफी योगदान है। मालिनी गौड़ बताती हैं कि ये लोगों का सफाई के प्रति विश्वास और सम्मान है जिस वजह से शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव हासिल हुआ।

यह इसलिए भी संभव हो पाया क्योंकि शहर के सफाई कर्मचारियों और नागरिकों ने अपना-अपना कर्तव्य समझा। सबसे पहले शहर में मौजूद 1 हजार से भी ज्यादा कचरा पेटियों को हटाना था। इसके बाद 4 लाख घरों से खुद कचरा उठाने की व्यवस्था पर काम किया गया। कचरा उठाने वाली गाड़ियों को ठीक किया गया। मेयर ने अपने स्तर पर खुद ही सारे कामकाज की मॉनिटरिंग की। जो कर्मचारी या सफाईकर्मी काम में लापरवाही बररते दिखे उन्हें चेतावनी दी गई।

सबसे ख़ास बात कि इंदौर शहर में थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। बीते एक साल में लोगों से काफी जुर्माना वसूला गया जिसे साफ-सफाई के कामों में खर्च किया जा रहा है। मेयर मालिनी गौड़ कहती हैं कि जिस दिन प्रधानमंत्री ने देश को स्वच्छ बनाने की अपील की थी उसी दिन से हमने इंदौर को एकदम से साफ करने का संकल्प ले लिया था। मेयर का विश्वास है कि 2018 में भी शहर की रैंकिंग बरकरार रहेगी।

मेयर मालिनी गौड़ इन दिनों शहर में पॉलिथीन के प्रयोग को प्रतिबंधित करने और शहर की दोनों नदियों की सफाई पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वह कहती हैं कि शहर की सड़क ऐसी होनी चाहिए कि वहां बैठकर खाना खाया जा सके। मेयर ने कहा कि इंदौर को पहला स्थान मिलने के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। और इस स्थिति को बरकरार रखने के लिए लगातार मेहनत की जरूरत पड़ेगी।

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