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रेलवे स्टेशन पर बंदरों के आतंक से यात्री त्रस्त

गाज़ियाबाद। गाज़ियाबाद के मेन रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक चरम पर है। बच्चों से लेकर बूढ़े, सभी यात्रियों को इन बंदरों ने परेशान कर रखा है। इन्हें स्टेशन से हटवाने के लिए रेलवे प्रशासन कई बार नगरनिगम को पत्र लिख चुका है लेकिन निगम वाले इधर-उधर का बहाना बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

गाज़ियाबाद रेलवे स्टेशन पर हररोज हजारों की संख्या में यात्रियों का अवागमन होता है। देश के कोने-कोने से लोग इस स्टेशन पर आते हैं। स्टेशन पर गंदगी व अन्य समस्याओं के अलावा बंदरों की अपनी अलग समस्या है। इन बंदरों का उपद्रव 1 से 6 तक सभी प्लेटफार्म पर रहता है। यात्रियों के हाथ से खाने की चीजें, मोबाइल, कैमरा, चश्मा बंदर कब लपक ले जाते हैं, पता ही नही चलता।

मंगलवार और शनिवार को बंदरों की मुसीबत और भी बढ़ जाती है क्यूंकि इस दिन यात्री इन्हें चने और केले खिलाते हैं। हांलाकि रेलवे प्रशासन ने पुलों पर लोहे के जाल लगा रखे हैं जिससे कोई अनहोनी न हो लेकिन प्रशासन इनको रोकने में असफल है। बंदरों की वजह से स्टेशन पर गंदगी भी बनी रहती है। रेलवे विभाग के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि इनसे निजात पाने के लिए निगम को कई पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन इधर-उधर का हवाला देकर समस्या को टरका दिया जाता है।

वहीं उप स्टेशन निरीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि स्टेशन पर अक्सर कुछ यात्री बंदरों को खाने-पीने की वस्तुएं भी देते रहते हैं। इसी वजह से बंदरों को यहाँ से हटाने में दिक्कत आ रही है। नगरनिगम इसके लिए कोई पुख्ता इंतजाम करे तो निश्चित रुप से बंदरों से छुटकारा मिल जायेगा।

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