ताज़ा खबर :
prev next

फर्जी डिग्री पर नियुक्ति पाने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त, होगी कार्यवाही

गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निर्देशक ने सीएमओ की रिपोर्ट पर बिना डिग्री के नौकरी पाने वाले दो लोगों की नियुक्ति निरस्त कर दी। अब इस तरह के और भी मामलों की प्रदेश भर में तलाश की जा रही है। साथ ही जो लोग नौकरी में आए हैं, उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी होगा। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र गड़बड़ मिलने पर कार्रवाई होना तय है।

सीएमओ डॉ एनके गुप्ता ने एनएचएम के निदेशक को पत्र लिखा था कि एनएचएम के तहत पैरा मेडिकल पदों में एएनएम, स्टाफ नर्स, पीआरओ, लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेंट की नियुक्तियां हुई हैं। 17 जनवरी को चयनित लोगों ने ज्वाइन करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। कुछ अभ्यर्थियों का यूपी स्टेट फैकल्टी में पंजीकरण नहीं था। जिनका था उनमें से 90 लोगों को ज्वाइन कराया गया। चयनित अभ्यर्थियों की सूची में क्रम संख्या-3 पर अंकित राहुल कुमार पुत्र रमाशंकर पांडेय आवेदन यूपी का एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत स्टाफ नर्स के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय संज्ञान में आया की राहुल की योग्यता बीए (हिंदी, एजूकेशन और पॉलिटिकल साइंस) है। इन्होने न ही कोई नर्सिंग का डिप्लोमा किया गया है और न ही यह स्टेट फैकल्टी में पंजीकृत हैं। इसके बाद भी इनका प्रथम स्थान पर चयन हो गया।

सूची के क्रम संख्या 140 पर अंकित प्रवीना पत्नी चंद्रपाल आवेदन यूपी का है। प्रवीना का एएनएम के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय पता लगा कि प्रवीना की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है। कौशल भारत कुशल भारत योजना द्वारा इन्होंने जीडीए का प्रशिक्षण लिया है। उनके पास न ही एएनएम का डिप्लोमा है और न ही स्टेट फैकल्टी में पंजीकरण है। सीएमओ ने बताया कि उनके पत्र के आधार पर राहुल और प्रवीना दोनों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं। बाकी जिलों में इसके खिलाफ जांच होगी और ऐसी फर्जी नियुक्तियों को निरस्त किया जाएगा।

आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।