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शाबाश! कानपुर के इस डॉक्टर ने गरीबों के मुफ्त इलाज का उठाया बीड़ा

उत्तर प्रदेश। कानपूर के फुटपाथ पर लोगों का फ्री इलाज करने वाले डॉक्टर की कहानी काफी प्रेरणादायक है। एमडी करने के बाद 1980 से प्रैक्टिस शुरू करने वाले डॉ अजीत मोहन चौधरी पिछले एक महीने से चकेरी के चेतना चौराहे पर रोज एक घंटे गरीबों का इलाज करते हैं। डॉ अजीत कहते हैं, मैंने सारी दुनिया घूम ली। पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी हो गईं। ऐसे में कोई ख्वाहिश नहीं बची।

वह फुटपाथ पर जाकर गरीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ्त दवा भी देते हैं, डॉ. अजीत ने बताया कि उनका खुद का अस्पताल है। उन्होंने शहीद सैनिकों के सम्मान में गरीबों का इलाज मुफ्त करने की बीड़ा उठाई है।  पिछले एक महीने से वह रोज लोगों को सुबह 10-11 के बीच देखते हैं। यहां गरीबों और असहाय लोगों का मुफ्त इलाज करते हैं। उनके पास इलाज के लिए हर तरह के मरीज आते हैं। उन्हें देखने के बाद वह फ्री में सैंपल की दवाएं भी देते हैं। अगर उनकी स्थिति गंभीर होती है तो उन्हें तत्काल सही रास्ता बताते हैं।

इतना ही नहीं वह जहां बैठकर इलाज करते हैं वहां वह एक दान पात्र भी रखते हैं। इस पर उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवार के लिए दान लिखकर रखा है। डॉ अजीत कहते हैं कि हर शख्स की जिम्मेदारी है कि वह समाज और गरीबों के लिए कुछ करे।

उन्नाव के मूल निवासी डॉ. अजीत मोहन चौधरी का जन्म कानपुर में हुआ था। डॉ अजीत ने 1977 में बिहार से एमबीबीएस और कानपुर से एमडी किया। 1980 में प्रैक्टिस शुरू की और चकेरी एरिया में अपना एक नर्सिंग होम खोला। डॉ अजीत बताते हैं क‍ि, मेरे बच्चों के सेटल होने के बाद कोई जिम्मेदारी नहीं बची। ऐसे में सोचा कि गरीबों के लिए कुछ किया जाए।

यदि देश में डॉ अजीत मोहन चौधरी के जैसे हर वर्ष एक डॉक्टर भी गरीबों की मदद व इलाज हेतु कदम उठाये तो देश से बिमारियों को ख़त्म होने में अधिक समय नहीं लगेगा। 

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