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भारत के इन मंदिरों में मिलते हैं अजब-गजब प्रसाद, जानकार हैरान रह जायेंगे आप

नई दिल्ली। मंदिरों में नारियल, मिश्री, मखाने, बताशे या फिर फल या मिठाई ही प्रसाद के रूप में दिया जाता है। मंदिर भगवान विष्णु का हो या फिर मां दुर्गा का लेकिन भारत के कुछ अजीब से मंदिर ऐसे भी हैं जहां कुछ अलग ही प्रसाद दिया जाता है। कई मंदिर तो ऐसे हैं जिसके प्रसाद की कल्पना तक कर पाना किसी भी व्यक्ति के लिए नामुमकिन है।

बालसुब्रमण्यम मंदिर, (अलेप्पी) केरल 

केरल के अलेप्पी में बना हुआ बालसुब्रमण्यम मंदिर उन भक्तों के लिए बेहद खास है जिन्हें चॉकलेट से लगाव है। यहां भगवान को भोग के रूप में चॉकलेट चढ़ाई जाती है और भक्तों को भी यही प्रसाद के रूप में बांटी जाती है। यह मंदिर चॉकलेटी भगवान के नाम से मशहुर हैं।

थ्रिसुर महादेव मंदिर, केरल

केरल के थ्रिसुर महादेव मंदिर में पूजा करने आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में किसी प्रकार की खाने की वस्तु की बजाय ब्रोशर्स, सीडी, डीवीडी या फिर टैक्स्ट बुक प्रसाद के रूप में दी जाती हैं। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि किसी भी प्रसाद से बढ़कर है ज्ञान का प्रसार और प्रचार। यह मंदिर टैक्स्ट बुक का प्रसाद वाला मंदिर भी कहा जाता है।

करणी माता मंदिर, राजस्थान

रेत की नगरी राजस्थान के बीकानेर में स्थित है करणी माता मंदिर। यह मंदिर भारत में चूहों वाली माता के नाम से प्रख्यात है। इस मंदिर में तकरीबन 20 हजार से ज्यादा चूहे रहते हैं। माना जाता है कि इस मंदिर में रहने वाले चूहे माता की संतान माने जाते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां पर भक्तों को चूहों का जूठा प्रसाद खाने के लिए दिया जाता है। यह मंदिर माता के बेटे चूहे के नाम से मशहूर हैं।

जगन्नाथ मंदिर, पुरी 
पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिन्दू आस्था का केंद्र है। इस मंदिर से आरंभ होने वाली रथयात्रा में दुनिया भर से लोग हिस्सा लेने के लिए आते हैं। इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ को पूरे छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।

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